बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में नाबालिग दलित लड़की से रेप और हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। PMCH पटना के प्रभारी उपाधीक्षक को हटा दिया गया है। मुजफ्फरपुर के SKMCH अस्पताल की अधीक्षक को सस्पेंड किया गया है। बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि 15 दिन में सजा दिलाएंगे।
पहले SKMCH में भर्ती थी
दरअसल, रेप पीड़िता 10 वर्षीय बच्ची को मुजफ्फरपुर स्थित SKMCH में पहले भर्ती करवाया गया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज कर उसे पटना रेफर कर दिया था। बच्ची करीब पांच दिनों तक SKMCH में भर्ती रही थी। मुजफ्फरपुर में बच्ची रिकवर हो रही थी, लेकिन डॉक्टर के रेफर करने के बाद घरवाले उसे पटना लेकर गए। PMCH पहुंचे तो वहां के मैनेजर ने उनसे पैसे मांगे। 4-5 घंटे इंतजार कराया गया, क्योंकि वहां बेड नहीं मिल रहा था।
PMCH पर लापरवाही का आरोप
नाबालिग रेप पीड़िता की बीते रविवार को मौत हो गई थी। मौत की घटना के बाद बच्ची के परिजनों ने पीएमसीएच पर लापरवाही का आरोप लगाया। इसको लेकर परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा भी किया था। परिजनों का कहना था कि बच्ची को दो घंटे तक एंबुलेंस में लेकर वे बैठे रहे, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने बच्ची को एडमिट नहीं किया। अगर समय पर बच्ची को PMCH में भर्ती कर लिया जाता तो जान बच सकती थी। पीएमसीएच की ओर से दी गई सफाई में कहा गया कि बच्ची जैसे ही एंबुलेंस से पहुंची उसके इलाज की व्यवस्था कराई गई थी।
क्या है पूरा मामला?
ये पूरा मामला मुजफ्फरपुर के कुढ़नी थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 26 मई को मछली बेचने वाला एक 27 वर्षीय युवक ने 10 वर्षीय बच्ची को बहला-फुसला कर खेत में ले गया। उसने वहां उसके साथ रेप किया, फिर धारदार हथियार से उसकी गर्दन और छाती पर हमला किया। बच्ची को नग्न अवस्था मे ईंट भट्टे में फेंककर आरोपी फरार हो गया। बच्ची महादलित परिवार से आती है। बच्ची के देर शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने खोजबीन की तो बच्ची खून से लहुलूहान हालत में मिली तो उसे अस्पताल ले गए।
ये भी पढ़ें-
"जिम में कोई भी मुस्लिम ना हो", वीडियो सामने आने के बाद SI पर हुई कार्रवाई