बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड अंतर्गत रक्सा गांव के पास रविवार को तिरहुत नहर का करीब 40 फीट तटबंध टूट गया। तटबंध टूटते ही नहर का पानी तेजी से आसपास के खेतों में फैल गया, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना में नहर पर बनी सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। रक्सा, विशुनपुर और चैनपुर समेत आधा दर्जन गांवों के करीब पांच एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तटबंध टूटने से खेतों और निचले इलाकों में तेजी से पानी फैल रहा है, जिससे धान समेत अन्य फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जताई नाराजगी
घटना की सूचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जुट गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी के तेज बहाव के कारण आसपास के रास्तों पर भी जलजमाव हो गया है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी लगातार चौड़ क्षेत्र की ओर फैल रहा है और यदि जल्द पानी के बहाव को नियंत्रित नहीं किया गया तो आसपास के घरों तक भी पानी पहुंच सकता है।
एक महीने पहले भी टूटा था तटबंध
ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक महीने पहले भी इसी इलाके में तटबंध टूटा था। इसके बाद हाल ही में तटबंध के पक्की करण का कार्य कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद दोबारा बांध टूट जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले की होगी जांच
ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद कांटी विधायक सह पूर्व मंत्री इंजीनियर अजीत कुमार ने मड़वन प्रखंड प्रशासन, जल संसाधन विभाग और स्थानीय पुलिस को तत्काल इसकी जानकारी दी। पश्चिमी अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) स्नेहा कुमारी ने बताया कि तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग को अलर्ट कर दिया गया है और मरम्मत कार्य शुरू करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि नहर में पानी का स्तर इतना अधिक नहीं था कि तटबंध स्वत टूट जाए, इसलिए पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
वहीं कांटी विधायक इंजीनियर अजीत कुमार ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले 9 अगस्त को भी इसी नहर का तटबंध टूटा था। विधायक का दावा है कि बांध पानी के दबाव से नहीं टूटा, बल्कि पूर्व की तरह किसी असामाजिक तत्व द्वारा काटा गया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की प्राथमिकी दर्ज कर गहन जांच कराने की मांग की है।
मुजफ्फरपुर से संजीव कुमार की रिपोर्ट
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