पटना: लालू परिवार में घमासान और बढ़ता जा रहा है। लालू के दोनों लाल (तेजस्वी और तेज प्रताप) के बीच की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। तेज प्रताप ने शनिवार को अपने भाई तेजस्वी यादव पर सबसे बड़ा हमला बोला है। तेज प्रताप यादव ने कहा कि लालू यादव को बंधक बनाकर दिल्ली में रखा गया है, उन्हें पटना नहीं आने दिया जा रहा है। तेज प्रताप ने नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग राजद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का सपना देख रहे हैं लेकिन वो उनका सपना पूरा नहीं होने देंगे।
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दरअसल, तेजप्रताप यादव ने छात्र जनशक्ति परिषद के नाम से अपना नया संगठन बनाया है। आज शनिवार को पटना में इसी संगठन के प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था। तेज प्रताप ने शिविर में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा- 'हमारे पिताजी दिल्ली में हैं, हमने पिता जी से बात किया, हमारे साथ चलिये पटना, हम साथ-साथ में रहेंगे, आप आइए देखिये, वो रहते थे तो हमारे घर का दरवाजा खुला रहता था। वो आउट हाउस में बैठे रहते थे और महान जनता से मिलने जुलने का काम करते थे। कुछ लोगों ने क्या किया... जनता से मिलने के लिए रस्सा बंधवाया।
तेजप्रताप ने नाम लिए बिना तेजस्वी पर काफी बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि मेरे पिता बीमार हैं इसलिये हम उन पर कोई दवाब नहीं देना चाहते हैं। लेकिन हमारे पिता को आने नहीं दिया जा रहा है, उन्हें दिल्ली में बंधक बना कर रखा गया है। तेजप्रताप ने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने राजद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का सपना देख लिया है। वो कौन लोग हैं उन्हें सब जानता है। उनका नाम लेने से कोई फायदा नहीं है। पिता जी को जेल से आये हुए महीना भर, साल भर हो गया है, लेकिन हमारे पिता जी को दिल्ली में ही रोक कर रखा गया है, ऐसे लोगों का सपना हम पूरा नहीं होने देंगे।
कुछ दिन पहले ही तेज प्रताप यादव के समर्थक आकाश यादव को छात्र राजद के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। इसके बाद तेज प्रताप दिल्ली गए और लालू यादव से मिलकर अपनी पूरी बात रखी और वहां से लौटने के बाद छात्र राजद के समानांतर छात्र जनशक्ति के नाम से अलग से एक संगठन बना लिया।
तेज प्रताप के इस बयान के बाद जेडीयू को लालू परिवार पर हमला करने का मौका मिल गया। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजप्रताप के प्रति सहानुभूति जताते हुए तेजस्वी पर निशाना साधा। नीरज कुमार ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लालू जी से भले हमारा हो लेकिन उनके बंधक बनाकर रखा जाय ये सही नहीं है, आखिर मामला क्या है, परिवार के लोग ही आरोप लगा रहे हैं। तेजस्वी ही ज्यादातर समय दिल्ली में रहते हैं। लालू परिवार में राजनीति और संपत्ति के वारिस तेजस्वी ही हैं जबकि उनसे अधिक पढ़े लिखे तेज प्रताप हैं।