नई दिल्ली: भारत में सूरज का पारा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है और इस बार बीते दो दशक की सबसे बुरी गर्मी पड़ रही है। चमडी झुलसाने वाली गर्मी के चलते अब तक देश में करीब 1400 लोगों की जान जा चुकी है। गर्मी से हलकान हिस्सों में सबसे ज्यादा बुरा हाल आंध्रप्रदेश और तेलंगाना का है। गर्मी का आलम यह है कि जो लोग अपने घरों में कूलर चला रहे हैं उन्हें भी राहत नहीं मिल रही है। गौरतलब है कि गर्मी भारत में सबसे ज्यादा समय तक रहने वाला मौसम है।
मौसम विज्ञान के तीन वैज्ञानिकों ने अपने एक अध्ययन के मुताबिक बताया कि आम तौर पर मार्च और जून के महीने में अधिकतम तापमान 37 डिग्री से ऊपर होता है, लेकिन बीते चार दशकों के दौरान इसमें भी काफी तेजी से इजाफा हुआ है। क्वार्ट्ज पर छपी खबर के मुताबिक 1969 से 2013 के बीच 176 मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा इकट्ठा किए गए डाटा के मुताबिक शोधकर्ताओं का कहना है कि भारत के पूर्वी तट के साथ साथ उत्तरी, पश्चिमी और उत्तर मध्य भारतीय क्षेत्रों में 1990 तक आते आते गर्मी की तपन तेज हुई है। 1991 से 2013 के दौरान गर्मी की तपन में भारत के उत्तरी हिस्से में 5 फीसदी, पश्चिमी हिस्से में 6 फीसदी, उत्तर मध्य हिस्से में 1 फीसदी और दक्षिणी हिस्से में 2 फीसदी का इजाफा हुआ है। विषेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार से बढ़ते शहरीकरण और जमीनों पर हो रहे आधुनिकीकरण के कारण भी गर्मी की तपन में इजाफा हुआ है।
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