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गरबा में मुसलमानों की एंट्री पर रोक लगाने की विहिप की मांग का केंद्रीय मंत्री आठवले ने किया विरोध, बताई वजह

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Sep 09, 2026 04:33 pm IST,  Updated : Sep 09, 2026 04:40 pm IST

केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने नवरात्र के दौरान गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगाने के विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के आह्वान का बुधवार को विरोध किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले- India TV Hindi
केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले। फाइल Image Source : PTI

रायपुरः केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने नवरात्रि के दौरान मुसलमानों को 'गरबा' कार्यक्रमों में शामिल होने से रोकने की विहिप की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि भारत संविधान से चलता है, जो सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार देता है। महाराष्ट्र में नवरात्रि कार्यक्रमों में मुसलमानों को शामिल होने से रोकने की विश्व हिंदू परिषद (VHP) की मांग के बारे में पूछे जाने पर अठावले ने कहा कि ऐसा रुख सही नहीं है, क्योंकि अलग-अलग धर्मों के लोगों को एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होने का अधिकार है।

देश संविधान से चलता है

केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि मुझे लगता है कि यह रुख सही नहीं है क्योंकि भारत संविधान से चलता है। डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान सभी धर्मों के लिए न्याय सुनिश्चित करता है। भारत में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, लिंगायत, पारसी और कई अन्य धर्मों के लोग रहते हैं और संविधान सभी धर्मों की रक्षा करता है। 

अठावले ने अजमेर शरीफ दरगाह का उदाहरण दिया

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (A) के प्रमुख अठावले ने कहा कि यह कहना ठीक नहीं है कि मुसलमानों को गरबा में शामिल नहीं होना चाहिए। हिंदू और मुस्लिम समुदायों को एक साथ आकर देश के लिए काम करने की ज़रूरत है। उन्होंने राजस्थान में अजमेर शरीफ दरगाह का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में हिंदू इस दरगाह पर जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऐसा है जहां सभी धर्मों के लोगों को एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होना चाहिए। हम ऐसा रुख अपनाने वालों का विरोध करते हैं। ऐसा रुख संविधान के खिलाफ है। इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने पिछली साल भी विहिप की मांग का विरोध किया था। 

बता दें कि विहिप ने पिछले हफ़्ते घोषणा की थी कि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि त्योहार के दौरान महाराष्ट्र में 'गरबा' और 'डांडिया' कार्यक्रमों में मुसलमानों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। विहिप ने आयोजकों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं कि वे नवरात्रि 'गरबा' और 'डांडिया' कार्यक्रमों के दौरान प्रतिभागियों की पहचान की पुष्टि करें, इसके लिए उनके आधार कार्ड की जांच करें और उनके माथे पर 'तिलक' लगाएं।

बीजेपी नेता ने किया था समर्थन

महाराष्ट्र के मंत्री और बीजेपी नेता नितेश राणे ने VHP का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि ऐसे त्योहारों के दौरान "लव जिहाद" के मामले बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे त्योहारों में शामिल होने वालों की पहचान की जांच होनी चाहिए और उन्हें प्रवेश से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। 'लव जिहाद' शब्द का इस्तेमाल दक्षिणपंथी कार्यकर्ता यह आरोप लगाने के लिए करते हैं कि मुस्लिम पुरुष महिलाओं (ज़्यादातर हिंदू समुदाय की) को धर्म परिवर्तन के लिए रिश्तों में फंसाने की साज़िश रचते हैं।

इनपुट- पीटीआई

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