मेरठ: नौचंदी थाना क्षेत्र में खुले नाले से कुछ दिन पहले मिले छह माह के मासूम के शव की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं उसने, रिश्ते, मां की ममता, इंसानियत और भरोसे को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया। इंस्टाग्राम पर हुई एक दोस्ती प्रेम संबंध में बदली और उसी रिश्ते की कीमत छह माह के साहिल को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, नाले में मिले मासूम की पहचान सहारनपुर के गंगोह क्षेत्र के दौलतपुर छन्नों गांव निवासी इमरान और शबाना के छह माह के बेटे साहिल के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि साहिल की मौत डूबने के कारण हुई है। पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद शव नाले में फेंका गया था।
पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल शुरू की। पता चला कि छह माह के बच्चे का पिता इमरान पंजाब के बठिंडा स्थित एक राइस मिल में मजदूरी करता है। इस दौरान उसकी पत्नी शबाना की करीब तीन माह पहले इंस्टाग्राम पर हापुड़ के मुदाफरा गांव के रहने वाले विशाल कुमार से दोस्ती हुई। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्रगाढ़ प्रेम में बदल गई और दोनों ने साथ रहने की योजना तैयार कर ली।
SP ने क्या बताया?
एसपी सिटी विनायक विक्रम भोंसले ने बताया कि 12 जुलाई की रात शबाना दवा लेने का बहाना बनाकर बेटे साहिल के मेरठ के सोहराब गेट बस स्टैंड पहुंची, जहां उसका प्रेमी विशाल पहले से उसका इंतजार कर रहा था। आरोप है कि विशाल ने शबाना को भरोसा दिलाया कि यदि बच्चा साथ रहा तो उनका रिश्ता परिवार स्वीकार नहीं करेगा। उसने शबाना को बहलाया कि बच्चे को अपने एक परिचित के पास सुरक्षित छोड़कर आयेगा, लिहाजा बच्चे को वह अपनी गोद में लेकर वहां से चला गया।
पुलिस का कहना है कि विशाल साहिल को नौचंदी क्षेत्र की वैशाली कॉलोनी के पास ले गया। वहां उसने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगाने के लिए एक खुले नाले में फेंक दिया। इसके बाद वह वापस शबाना के पास पहुंचा और उसको लेकर अपने घर हापुड़ आ गया।
कचरा बेचने वाले ने नाले में देखा बच्चे का शव
13 जुलाई को कचरा बीनने वाले एक व्यक्ति ने नाले में बच्चे का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। नौचंदी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराया, जिसमें मौत का कारण डूबना बताया गया। वहीं बच्चे की शिनाख्त नही हो पाई थी।
14 दिन बाद पंजाब से इमरान अपने घर पहुंचा, पत्नी और बेटे को न पाकर ढूंढा, सहारनपुर कज गंगोह थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई। पुलिस जांच में उसकी लोकेशन हापुड़ मिली। पुलिस ने 26 जुलाई को शबाना को हापुड़ के मुदाफरा गांव से बरामद कर लिया।
इमरान ने जब शबाना से पूछा की साहिल कहां है तो उसने बताया कि विशाल ने बच्चे को अपने एक दोस्त के पास छोड़ा हुआ है। इसी बीच इमरान को मेरठ में मिले लावारिस बच्चे के शव की जानकारी मिली। वह मेरठ पहुंचा और कपड़ों व तस्वीरों से बेटे साहिल की पहचान की।
इसके बाद इमरान की तहरीर पर गंगोह थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शुक्रवार रात आरोपी विशाल कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान सोहराब गेट बस स्टैंड के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनमें विशाल और शबाना बच्चे के साथ दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इन फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रही है।
मासूम साहिल की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बड़ों के फैसलों और स्वार्थ की कीमत अक्सर बच्चों को चुकानी पड़ती है, अभी छह माह के मासूम ने घर से बाहर की दुनिया को देखा भी नही था और मां के अफेयर के चक्कर में उसकी जान चली गई।
इससे पहले एक मामला सामने आया था, जिसमें मां के साथ अवैध संबंधों के शक में बेटे ने शख्स को पत्थर से कुचलकर मार डाला था।
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