महाराष्ट्र के कल्याण में मदद करने के बहाने 22 वर्षीय विवाहित युवती को अपने कार्यालय में बुलाकर भिवंडी तालुका के बापगांव स्थित फार्महाऊस पर ले जाने और वहां हथियार का डर दिखाकर शराब पिलाने के बाद सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप सामने आया है। इस मामले में भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटील के खिलाफ पडघा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।इस मामले में पूर्व विधायक नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटील अभी तक फरार हैं।
हालांकि इस मामले में नरेंद्र पवार ने भाजपा पार्टी से और सभी पदों का इस्तीफा दिया है और साथ ही ऐसा खुलासा किया है कि मुझ पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है। मुझे फंसाने का षड्यंत्र रचा गया है। सच जल्द सामने आएगा, निष्पक्ष जांच हो। मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है मुझे न्याय मिलेगा।
कौन है नरेंद्र पवार
बीजेपी के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार, शुरुआती दौर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का विद्यार्थ, कल्याण डोंबिवली मनपा नगरसेवक और उसके बाद उप महापौर पद पर थे। साल 2014 में कल्याण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे, 2019 में भाजपा पार्टी ने इन्हें टिकट नहीं दिया इसके बाद इन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था जहां वह दूसरे नंबर पर आए। इसके अलावा उनके पास भाजपा की भटके भीमुक्त आघाडी का प्रदेश अध्यक्ष पद भी था।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता के अनुसार, उसका अपने पति के साथ विवाद चल रहा था, इसी विवाद में मध्यस्थता करने के नाम पर पूर्व विधायक नरेंद्र पवार ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया था। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद 13 सितंबर को नरेंद्र पवार और शैलेश पाटील उसे भिवंडी तालुका के बापगांव स्थित फार्महाऊस पर लेकर गए। वहां हथियार का डर दिखाकर उसे शराब पिलाई गई और उसके साथ शारीरिक अत्याचार किया गया। उसके बाद रात करीब दो बजे नरेंद्र पवार वहां से चले गए, इसके बाद शैलेश पाटील ने भी उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया। आरोप है कि सुबह करीब चार बजे शैलेश पाटील के घर के केयरटेकर ने पीड़िता को उसके घर पहुंचाया।
(कल्याण से सुनील शर्मा की रिपोर्ट)