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दिल्ली-NCR के 10 सबसे प्रदूषित इलाके, जहां की हवा में सांस लेना मुश्किल है, जानें कौन कौन क्षेत्र हैं

 Written By: Kajal Kumari
 Published : Nov 06, 2026 03:56 pm IST,  Updated : Nov 06, 2026 04:23 pm IST

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की। दिल्ली-एनसीआर में किन इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स गंभीर श्रेणी में रहा? जानिए उन 10 इलाकों के नाम...

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण का हाल- India TV Hindi
दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण का हाल Image Source : PTI

दिल्ली का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शुक्रवार को 391 दर्ज किया गया, जो 400 के उस स्तर के करीब है जिसे 'गंभीर' (severe) श्रेणी में रखा जाता है। जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा बताए गए सभी निगरानी केंद्रों के औसत आंकड़ों पर नज़र रखता है। CPCB हर मॉनिटरिंग स्टेशन के लिए पिछले 24 घंटों की रीडिंग के 'रनिंग एवरेज' का इस्तेमाल करके प्रति घंटा AQI की गणना करता है। पॉल्यूशन डैशबोर्ड द्वारा डेटा के विश्लेषण से पता चला कि 31 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' (severe) दर्ज की गई, जबकि 28 स्टेशन 'बहुत खराब' (very poor) श्रेणी में थे।

रोहिणी में सबसे ज़्यादा AQI 474 दर्ज किया गया, इसके बाद पंजाबी बाग में 465 और जहांगीरपुरी में 458 रहा। RK पुरम और विवेक विहार भी सबसे ज़्यादा AQI वाले 10 स्टेशनों में शामिल रहे। CPCB पिछले 24 घंटों की रीडिंग के 'रनिंग एवरेज' का उपयोग करके हर स्टेशन का प्रति घंटा AQI निकालता है। किसी स्टेशन का डेटा दैनिक AQI में तभी शामिल किया जाता है, जब कम से कम तीन प्रदूषक तत्व निर्धारित रीडिंग सीमा को पूरा करते हों।

दिल्ली के 10 इलाके जहां की हवा है सबसे प्रदूषित

  1. रोहिणी - 474
  2. पंजाबी बाग - 465
  3. जहांगीरपुरी - 458
  4. DTU - 454
  5. आरके पुरम - 450
  6. मुंडका - 446
  7. विवेक विहार - 438
  8. सोनिया विहार - 436
  9. बवाना - 435
  10. अलीपुर - 434

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को लेकर क्या कहा?

  • अदालत ने दिल्ली-NCR की सड़कों पर मौजूद वाहनों की भारी संख्या और वहां लगने वाले भीषण जाम (बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक) की ओर इशारा किया।
  • अदालत ने प्रदूषण कम करने के लिए तत्काल, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक उपाय करने को कहा।
  • शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के लिए वाहनों से निकलने वाला धुआं एक बड़ा कारण है।
  • कोर्ट ने प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए तत्काल, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक उपाय करने को कहा।
  • वायु प्रदूषण से निपटने के नियमों और उपायों से जुड़े एक स्वतः संज्ञान (suo motu) मामले की सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची तथा जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने दिल्ली-एनसीआर में भारी ट्रैफिक (बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक) पर भी चिंता जताई।
  • CJI ने कहा, "हम लगातार बातचीत करते हैं, कभी-कभी बयान और सुझाव भी देते हैं, लेकिन असल बात यह है कि AQI पहले ही 400 के स्तर को छू रहा है।" 

बेंच ने दिल्ली को गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे पड़ोसी इलाकों से जोड़ने वाली सड़कों पर मौजूद वाहनों की भारी संख्या की ओर भी ध्यान दिलाया। CJI ने कहा, "दिल्ली की सड़कों और दिल्ली को NCR से जोड़ने वाली सड़कों को देखिए। किसी भी सड़क पर नज़र डालिए और देखिए कि वहां किस तरह के वाहन चल रहे हैं। यही मुख्य समस्या है।" 

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