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CBI ने दबोचा युवाओं को विदेश में 'साइबर स्लेवरी' में फंसाने वाला ठग, देता था मोटी कमाई वाली नौकरी का लालच

 Reported By: Abhay Parashar Written By: Vinay Trivedi
 Published : Aug 19, 2026 04:56 pm IST,  Updated : Aug 19, 2026 04:56 pm IST

CBI ने साइबर स्लेवरी और ह्यूमन ट्रैफिकिंग का आरोपी गिरफ्तार कर लिया है। यह नौकरी का झांसा देकर युवाओं को साइबर स्लेवरी के अड्डों पर भेजता था। जानें ये पूरा नेटवर्क कैसे काम करता था।

पकड़ा गया मोटी कमाई...- India TV Hindi
पकड़ा गया मोटी कमाई वाली नौकरी का ऑफर देकर युवाओं को विदेश में साइबर स्लेवरी में फंसाने वाला ठग। Image Source : PTI (प्रतीकात्मक फोटो)

विदेश में मोटी कमाई वाली नौकरी का सपना दिखाकर भारतीय युवाओं को दक्षिण-पूर्व एशिया के साइबर ठगी के अड्डों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क पर सीबीआई ने शिकंजा कसा है। सीबीआई ने हरियाणा के हिसार निवासी आरोपी अंकित को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने हिसार इलाके के कम से कम 4 लोगों को वर्ष 2025 में म्यांमार और कंबोडिया में चल रहे स्कैम कंपाउंड तक पहुंचाया था।

विदेश भेजकर 'साइबर स्लेवरी' में फंसाया

सीबीआई के मुताबिक, एजेंट सोशल मीडिया पर आकर्षक नौकरी के विज्ञापन डालकर युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उन्हें विदेश भेजकर ऐसे कंपाउंड में पहुंचाया जाता था, जहां उनसे जबरन ऑनलाइन ठगी का काम कराया जाता था। इस पूरी व्यवस्था को जांच एजेंसियां ‘साइबर स्लेवरी’ के तौर पर देख रही हैं।

भारत वापस आने के लिए पीड़ितों को चुकानी पड़ी बड़ी रकम

जांच में सामने आया कि कुछ पीड़ितों को वहां से वापस आने के लिए बड़ी रकम चुकानी पड़ी, जबकि कुछ लोगों को बाहर निकलने के लिए अपने स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति को लाने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ितों के बयान में एजेंटों के काम करने के तरीके का खुलासा हुआ है।

आरोपी के मोबाइल फोन से अहम सबूत बरामद

सीबीआई ने आरोपी के मोबाइल फोन से भी अहम सबूत बरामद किए हैं। जांच एजेंसी को उसके म्यांमार और कंबोडिया स्थित स्कैम कंपाउंड के रिक्रूटर्स से संपर्क के सबूत मिले हैं। एजेंट को स्कैम कंपाउंड संचालकों से कमीशन के तौर पर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए रकम मिलने की भी जांच की जा रही है।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को नौकरी का दिया ऑफर

सीबीआई के अनुसार, आरोपी और उसके नेटवर्क ने इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल युवाओं को नौकरी के नाम पर लुभाने के लिए किया। वहीं, टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप के जरिए संपर्क और बातचीत की जाती थी।

CBI ने पिछले साल भी की थी छापेमारी

इससे पहले, सीबीआई ने दिसंबर 2025 में भारतीय नागरिकों को दक्षिण-पूर्व एशिया के स्कैम कंपाउंड तक पहुंचाने वाले एजेंटों और मददगारों के नेटवर्क के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसी मामले में मई और जून 2026 में चार राज्यों के आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

स्कैम कंपाउंड संचालकों तक पहुंचने की कोशिश

अब हिसार के अंकित की गिरफ्तारी से जांच एजेंसी को इस नेटवर्क के दूसरे एजेंटों और विदेश में बैठे स्कैम कंपाउंड संचालकों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे पहले, दिल्ली में MCD के डिप्टी कमिश्नर को 4 लाख की रिश्वत लेते हुए CBI ने गिरफ्तार किया था। उन्हें रंग हाथों पकड़ा था।

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