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JNU के छात्रों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प, JNUSU अध्यक्ष समेत 28 छात्र हिरासत में, 6 पुलिसकर्मी घायल

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Oct 18, 2025 11:45 pm IST,  Updated : Oct 19, 2025 12:30 am IST

JNU के कुछ स्टूडेंट और दिल्ली पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद 28 छात्र हिरासत में लिए गए हैं। इनमें JNU स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष मनीषा और जनरल सेक्रेट्री मुन्तेहा फातिमा भी शामिल हैं।

JNU- India TV Hindi
JNUSU अध्यक्ष समेत 28 छात्र हिरासत में Image Source : ANI

नई दिल्ली: JNU के कुछ स्टूडेंट और दिल्ली पुलिस के बीच आज झड़प हुई है। इसके बाद 28 छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उन्हें कापसहेड़ा पुलिस स्टेशन लेकर गई है। हिरासत में लिए गए छात्रों में JNU स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष मनीषा और जनरल सेक्रेट्री मुन्तेहा फातिमा भी शामिल हैं। 

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस के मुताबिक, आज शाम JNU के करीब 70-80 छात्र नेल्सन मंडेला मार्ग की तरफ जाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड भी लगाए, लेकिन छात्रों का ये गुट बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ा। इसके बाद इनकी पुलिस से झड़प हुई, जिसमें 6 पुलिसवाले घायल हुए हैं। इसी के बाद पुलिस ने 28 छात्रों को हिरासत में लिया है। 

पुलिस का कहना है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद, छात्रों ने बलपूर्वक बैरिकेड्स तोड़ दिए, पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और नेल्सन मंडेला मार्ग पर आ गए, जिससे यातायात अस्थायी रूप से बाधित हो गया। छह पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

JNU स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष का सामने आया बयान

JNU स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष नीतीश कुमार का कहना है कि सारा बवाल ABVP की वजह से हुआ है। ABVP के लोगों ने कुछ छात्रों को पीटा, वो तो शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे।

जेएनयूएसयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा, "जब जेएनयूएसयू चुनावों को लेकर जीबीएम (जनरल बॉडी मीटिंग) शुरू हुई, तो काउंसलर रजत को एबीवीपी के गुंडों ने पीटा। हमने यह सुनिश्चित करने के लिए विरोध किया कि चीजें शांतिपूर्वक चलें। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और हमने सुबह 6 बजे बैठक स्थगित कर दी। जैसे ही हम बाहर निकले, एबीवीपी के गुंडों ने हमें 2 घंटे तक बंधक बनाए रखा और हम पर जातिवादी गालियां दीं। हमने दिल्ली पुलिस को फोन किया।"

अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा, "एसएचओ बलबीर सिंह वहां पहुंचे, लेकिन उन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया। हमें पीटा गया। मुझे भी पीटा गया, मेरा कुर्ता फाड़ दिया गया। हमने विरोध किया और किसी तरह बाहर निकले। हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसलिए, हम एफआईआर की मांग को लेकर वसंत कुंज थाने की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए और हमें रोक दिया। पुलिस ने छात्रों को पीटा। मेरे कपड़े फाड़ दिए गए, मेरा मोबाइल फोन चुरा लिया गया और मेरी चप्पलें तोड़ दी गईं। हम मांग करते हैं कि एफआईआर दर्ज की जाए। हमें यहां नजरबंद रखना गैरकानूनी है।"

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