नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में रविवार को बीएमडब्ल्यू कार की टक्कर से वित्त मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी की मौत हो गई। इस हादसे के बाद अब इसमें कई अहम खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की टीम अपनी तरफ से जांच में जुटी हुई है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली है। दिल्ली पुलिस के द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक टक्कर होने के बाद बाइक सवार घायल नवजोत सिंह और उनकी पत्नी को जब गाड़ी में अस्पताल लेकर जा रहे थे तो उसी दौरान नवजोत की पत्नी ने बार-बार कहा कि उन्हें और उनके पति को कहीं पास के अस्पताल में ले जाओ ताकि जल्दी से इलाज हो जाए।
पास की जगह दूर के अस्पताल ले गई महिला
FIR के मुताबिक नवजोत सिंह की पत्नी के कहने के बावजूद भी कार में बैठी महिला ने उनकी नहीं सुनी। नवजोत सिंह को जब गाड़ी के जरिए अस्पताल ले जाया जा रहा था तो उस वक्त नवजोत अनकॉन्शियस स्थिति में थे। FIR में यह भी साफ लिखा है कि बीएमडब्ल्यू कार चलाने वाली महिला जीटीबी नगर के एक छोटे से अस्पताल में नवजोत और उनकी पत्नी को लेकर गई, जहां नवजोत की पत्नी को काफी देर तक बाहर ही स्ट्रेचर पर लिटा कर रखा गया। नवजोत सिंह की पत्नी के कहने के बावजूद भी कार में बैठी महिला ने उनकी नहीं सुनी।
पुलिस ने आरोपी महिला को किया गिरफ्तार
वहीं अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने वैन के ड्राइवर गुलफाम का भी बयान दर्ज कर लिया है। गुलफाम की गाड़ी से ही नवजोत और उनकी पत्नी को बीएमडब्ल्यू चालक महिला अस्पताल लेकर गई थी। दिल्ली पुलिस के साउथ वेस्ट जिले के डीसीपी साउदर्न रेंज के ज्वाइंट सीपी ने खुद आरोपी महिला गगनप्रीत कौर से पूछताछ की। पूछताछ के बाद आरोपी महिला गगनप्रीत को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद फिलहाल डीसीपी साउथ वेस्ट अमित गोयल पूछताछ में जुटे हुए हैं। गगनप्रीत से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के बाद वो आस-पास के अस्पताल की जगह नॉर्थ दिल्ली के अस्पताल लेकर क्यों गई।
हादसे के दौरान कार में कौन-कौन था सवार
आरोपी महिला गगनप्रीत मक्कड़ पत्नी परीक्षित मक्कड़, निवासी गुरुग्राम ने पूछताछ में बताया कि वह अपने पति, दो बच्चों (6 साल की बेटी, 4 साल का बेटा) और नौकरानी के साथ गुरुग्राम से अपने घर जा रही थी। उसे दुर्घटना का कारण याद नहीं आ रहा था। उसने बताया कि लोगों ने उसे गाड़ी से बाहर निकाला। उसने मृतक और घायलों को सड़क पर देखा। इस बीच, पोर्टर वैन गुलफाम के ड्राइवर ने वैन रोक दी। उसने बताया कि लोगों ने मृतक और उसकी पत्नी को गाड़ी में बिठाया। बाद में, आगे की सीट पर एक महिला आई और उसे आजादपुर के अस्पताल चलने के लिए कहा।
क्यों दूर के अस्पताल ले गई महिला?
जब उससे विशेष रूप से पूछा गया कि वह उन्हें पास के अस्पताल क्यों नहीं ले गई, तो उसने कहा कि वह घबराई हुई थी और उसे केवल इसी अस्पताल के बारे में पता था क्योंकि उसके बच्चे कोविड के दौरान वहां भर्ती थे। महिला ने पूछताछ में बताया कि वह कपड़े से बनी घोड़े की काठी के व्यवसाय में अपने पति की मदद करती थी। इसके अलावा नशे के आरोपों के संबंध में ब्लड के नमूने की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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