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फर्जी ट्रैफिक चालान का SMS भेज करोड़ों की ठगी, करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा; 5 गिरफ्तार

 Written By: Amar Deep
 Published : Nov 01, 2026 06:48 pm IST,  Updated : Nov 01, 2026 06:48 pm IST

दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किए गए हैं। ये लोग ट्रैफिक चालान का फर्जी एसएमएस भेजकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

पांच आरोपी गिरफ्तार।- India TV Hindi
पांच आरोपी गिरफ्तार। Image Source : PEXELS/REPRESENTATIVE IMAGE

राजधानी दिल्ली में पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बताया कि फर्जीवाड़े से जुड़ा नेटवर्क फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज और रिवॉर्ड एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके लोगों से 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी करता था। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने भारत के अलग-अलग हिस्सों से 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग 544 ऐसी शिकायतों से जुड़े हैं, जिनमें 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी हुई है। अधिकारी के मुताबिक, आरोपी एक विदेशी एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते थे। इसके जरिए वे लोगों के मोबाइल फोन पर फिशिंग मैसेज भेजते थे। हर बार जब कोई यूजर इस मैसेज का इस्तेमाल (रिडीम) करता था, तो उसे 1 से 3 रुपये का इनाम (इंसेंटिव) मिलता था।

ट्रैफिक चालान के नाम पर आते थे मैसेज

जांच तब शुरू हुई जब एक व्यक्ति ने नवंबर 2025 में ट्रैफिक चालान भरने के नाम पर आए एक फर्जी SMS के लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद उसके क्रेडिट कार्ड से 2.21 लाख रुपये कट गए। तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी नितेश पटेल के नाम पर रजिस्टर्ड था। आगे की जांच में पुलिस नितेश पटेल के भतीजे तक पहुंची। उसके मोबाइल फोन में "विंगो कैश" (Wingo Cash) नाम का एक एप्लिकेशन मिला, जो उसे कथित तौर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए मिला था।

बड़े नेटवर्क का हुआ खुलासा

पुलिस अधिकारी ने बताया, "जांच में पता चला कि जब भी कोई यूजर रिवॉर्ड रिडीम करता था, तो यह एप्लिकेशन अपने आप 9-12 फिशिंग SMS भेज देता था। इस दौरान मोबाइल की स्क्रीन करीब 30 सेकंड के लिए लॉक हो जाती थी।" इन मैसेज में ऐसे लिंक होते थे जो ट्रैफिक चालान भुगतान, डिलीवरी वेरिफिकेशन और रिवॉर्ड पॉइंट जैसे लगते थे। जांच के दौरान ऐसे लगभग 3,300 SMS का पता चला। अधिकारी ने बताया कि ठगी की रकम एक अंतरराष्ट्रीय बैंक के खाते में भेजी गई थी। जांच में 'म्यूल' बैंक खातों और पैसों के लेन-देन के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। तीन दिनों के भीतर एप्लिकेशन के 41,000 से ज्यादा यूजर्स को लगभग 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

पांच राज्यों से आरोपी गिरफ्तार

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब समेत अलग-अलग जगहों से मोती सिंह बघेला, हर्षपाल, विक्की, विशाल दास वैष्णव और बर्जेश कुमार को गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने बताया कि 15 डिजिटल डिवाइस, 59 डेबिट कार्ड, 52 पासबुक और चेक बुक, 14 कंपनी की मुहरें, 5 POS मशीनें, 8 QR-कोड स्कैनर, सोने की एक चेन और एक कार जब्त की गई हैं। (इनपुट- PTI)

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