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दिल्ली में इंटरनेशल मोबाइल चोर गैंग का खुलासा, चोरी के बाद बांग्लादेश भेज देते थे फोन

 Edited By: Amar Deep
 Published : Aug 30, 2025 11:05 pm IST,  Updated : Aug 30, 2025 11:05 pm IST

राजधानी दिल्ली में पुलिस ने मोबाइल चोरी कर उसे बांग्लादेश भेजने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन चोरों को गिरफ्तार किया है। चोरी के बाद ये फोन कोलकाता के रास्ते तस्करी कर बांग्लादेश भेजे जाते थे।

तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार।- India TV Hindi
तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार। Image Source : PEXELS/REPRESENTATIVE IMAGE

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले इंटरनेशनल गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यहां के ईस्ट ऑफ कैलाश इलाके में ये चोर बसों और मेट्रो में यात्रियों को निशाना बनाते थे। ये चोर यात्रियों के महंगे फोन चुराते थे और फिर इस चोरी के फोन को वह कोलकाता के रास्ते तस्करी करके बांग्लादेश भेज देते थे। पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान ताज मोहम्मद (54), परवेश उर्फ ​​फिरोज खान (42) और करण उर्फ ​​ओम प्रकाश (30) के रूप में हुई है। इन सभी को 28 अगस्त को श्री निवास पुरी बस डिपो के पास से पकड़ा गया था। इन चोरों के पास से कुल 26 स्मार्टफोन बरामद किए गए। 

अंतरराष्ट्रीय गिरोह के लिए करते थे काम

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे संगम विहार निवासी अजय नेगी और सनी कट्टा के लिए काम करते थे, जो कथित तौर पर चोरी के मोबाइल फोन का कारोबार करने वाला एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह चलाते हैं।" पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य दिल्ली-एनसीआर में जेबकतरों और झपटमारों द्वारा चोरी किए गए मोबाइल को एकत्र करते थे, जिन्हें बाद में कथित तौर पर कोलकाता के रास्ते तस्करी कर बांग्लादेश भेजा जाता था। पुलिस के अनुसार उत्‍तर प्रदेश के बाराबंकी के मूल निवासी मोहम्‍मद ने कक्षा दो तक पढ़ाई की है और जेब काटने से पहले वह पहले मजदूरी करता था। पुलिस ने कहा कि उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। 

तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार बिहार के मुंगेर का निवासी परवेश कक्षा सात तक पढ़ा है और दिल्ली में काम ढूंढने के लिए आया था। फैक्ट्रियों में काम करने के बाद वह आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया और उस पर तीन चोरी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर के निवासी करण ने आठवीं तक पढ़ाई की और पिता की मौत के बाद उसने स्कूल छोड़ दिया। जेबकतरों के गिरोह में शामिल होने से पहले वह भी मजदूरी करता था और उसके खिलाफ चोरी के 13 मामले दर्ज हैं। (इनपुट- पीटीआई)

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