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सत्येंद्र जैन को मिली जमानत, जल बोर्ड टेंडर घोटाले में हुई थी गिरफ्तारी

 Reported By: Atul Bhatia Written By: Malaika Imam
 Published : Sep 03, 2026 02:25 pm IST,  Updated : Sep 03, 2026 02:44 pm IST

सत्येंद्र कुमार जैन को जमानत मिल गई है। दिल्ली जल बोर्ड STP घोटाला मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी। राउज एवन्यू कोर्ट से जैन को बेल मिल गई है।

Satyendar Kumar Jain- India TV Hindi
सत्येंद्र कुमार जैन Image Source : PTI

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन को बड़ी राहत मिली है। राउज एवन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी है। सत्येंद्र जैन को दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और टेंडर में अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया था।

2 लाख रुपये के मुचलके पर दी जमानत

सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन की ओर से वकील एन हरिहरन ने दलील रखते हुए कहा था कि उनकी गिरफ्तारी मामले दर्ज होने के 27 महीने बाद की गई, जिस दौरान उन्हें केवल एक बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था और जब उन्हें दोबारा बुलाया गया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

सत्येंद्र जैन के वकील ने कहा कि मामले की सभी सामग्री दस्तावेजी प्रकृति की है और सभी प्रासंगिक सामग्री पहले ही जांच एजेंसियों द्वारा कब्जे में ली जा चुकी है, जबकि ACB ने आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन आदतन अपराधी हैं। ACB ने कहा कि जमानत अर्जी पर फैसला करते समय इन मुद्दों पर विचार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने दो लाख रुपये के दो श्योरिटी भी जमा करने को कहा।

18 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी

ACB ने जैन समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था।  गिरफ्तार किए गए लोगों में सत्येंद्र कुमार जैन (GNCTD के पूर्व जल मंत्री), उदित प्रकाश राय (IAS, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO), अंकित श्रीवास्तव (दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट), नागेंद्र यादव (M/s AN एंटरप्राइजेज के मालिक), राजा कुमार कुर्रा (M/s यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक) और पंकज वर्मा (M/s सृजनहार के मालिक) शामिल हैं।

मामला FIR संख्या 10/2024, दिनांक 11 मई 2024 से संबंधित है। FIR भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के साथ IPC की धाराओं 420, 409, 418 और 120-B के तहत दर्ज की गई थी। यह कार्रवाई दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच के बाद की गई थी।

ACB ने बताया था कि जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजी, इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर छहों आरोपियों से पूछताछ की गई। इसके बाद 18 अगस्त 2026 को सभी छह आरोपियों को कानून के अनुसार गिरफ्तार किया गया।

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