जंतर-मंतर बवाल मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से नियमित जमानत मिल गई है। SC/ST एक्ट से जुड़े मामले में अदालत ने उसे राहत दी। इससे पहले स्वतंत्र भारद्वाज को इस मामले में अंतरिम जमानत मिली थी। अंतरिम जमानत की अवधि खत्म होने के बाद मंगलवार, 6 अक्टूबर को हुई सुनवाई में कोर्ट ने अब उसकी नियमित जमानत मंजूर कर दी।
क्या है पूरा मामला
यह मामला जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट से जुड़ा है। स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ मारपीट की थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था।
FIR में जोड़ी गई SC/ST एक्ट की धाराएं
पुलिस ने संजय कुमार के साथ मारपीट के आरोप से जुड़े पहले से दर्ज मामले में बाद में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी थीं। इसके बाद एक नई शिकायत के आधार पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी नई FIR दर्ज की गई थी। बताया गया कि शिकायत में पीड़िता नाबालिग है।
पॉडकास्ट के बाद बढ़ा विवाद
यह मामला उस वक्त फिर चर्चा में आया जब स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में संजय कुमार पर हमले की बात कही थी। उसने दावा किया था कि हमला करने के बाद भी वह जेल नहीं गया, क्योंकि राजनीतिक लोगों से उनकी जान-पहचान थी। हालांकि, बाद में उसने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उसने जो कुछ किया, वह सेल्फ डिफेंस में किया था। अगर वह ऐसा नहीं करता तो भीड़ पीट-पीटकर हत्या कर सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि पॉडकास्ट में उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। वहीं, स्वतंत्र की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर प्रदर्शन भी किया था।
निशु ने राहुल गांधी से भी मांगी थी मदद
निशु ने राहुल गांधी से मदद की अपील की थी। जिसके बाद राहुल गांधी ने मदद का भरोसा देते हुए अपनी पोस्ट में लिखा, ''निशु, घबराने की जरूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूं। साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक की आवाज उठाती हो। अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ, एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे? निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता। जय भीम। जय संविधान।''
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