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लोकसभा चुनाव 2019: चौथे दौर के चुनाव के लिए थमा प्रचार अभियान, 72 सीटों पर 29 अप्रैल को होगा मतदान

 Reported By: Bhasha
 Published : Apr 27, 2019 09:12 pm IST,  Updated : Apr 27, 2019 09:13 pm IST

नौ राज्यों की 72 संसदीय सीटों पर 29 अप्रैल को चौथे चरण में होने वाले मतदान के लिए प्रचार अभियान हफ्तों की अथक मेहनत के बाद शनिवार को थम गया। 

Loksabha Elections 2019- India TV Hindi
Loksabha Elections 2019 Image Source : PTI

नयी दिल्ली: नौ राज्यों की 72 संसदीय सीटों पर 29 अप्रैल को चौथे चरण में होने वाले मतदान के लिए प्रचार अभियान हफ्तों की अथक मेहनत के बाद शनिवार को थम गया। चौथे चरण का चुनाव जिन सीटों पर होना है उनमें महाराष्ट्र की 17, ओडिशा की छह, झारखंड की तीन, मध्य प्रदेश की छह, पश्चिम बंगाल की आठ, उत्तर प्रदेश की 13, बिहार की पांच, राजस्थान की 13 और अनंतनाग निर्वाचन क्षेत्र का एक हिस्सा शामिल है। 

सत्तारूढ़ भाजपा एवं उसके सहयोगियों के लिए इस चरण में चुनाव में बहुत कुछ दांव पर है क्योंकि 2014 में उसे इन 72 में से 56 सीटों पर जीत हासिल हुई थी और कांग्रेस महज दो सीट पर सिमट गई थी और अन्य सीटों पर तृणमूल कांग्रेस एवं बीजू जनता दल जैसी पार्टियों के खाते में गई थी। भाजपा प्रत्याशियों - केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सुभाष भामरे, एस एस अहलूवालिया और बाबुल सुप्रियो तथा कांग्रेस प्रत्याशियों - पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद एवं अधीर रंजन चौधरी समेत 961 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला इस चरण में होगा। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एवं कई केंद्रीय समेत अन्य नेताओं ने पिछले कुछ दिनों में विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा कर अपनी-अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए जम कर प्रचार किया। महाराष्ट्र में राष्ट्रवाद एवं कृषि संकट जैसे मुद्दों पर मुख्यत: केंद्रित प्रचार अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने शासन में किए गए अवसंरचना एवं विकास संबंधी कार्यों का विशिष्ट रूप से उल्लेख कर ग्रामीणों के साथ-साथ महानगरीय मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस की प्रस्तावित न्यूनतम आय योजना या ‘न्याय’ को गरीबों के लिए अद्भुत परिवर्तन लाने वाली योजना के तौर पर पेश किया। 

महाराष्ट्र की 17 सीटों के लिए 323 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां मतदान 29 अप्रैल को सुबह सात बजे से छह बजे के बीच होगा। दौड़ में शामिल मुख्य प्रत्याशियों में केंद्रीय मंत्री भाजपा के सुभाष भामरे (धूले), कांग्रेस की उर्मिला मातोंडकर (मुंबई उत्तर), प्रिया दत्त (मुंबई उत्तर मध्य) और मिलिंद देवड़ा (मुंबई दक्षिण) और मावल से राकांपा प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार शामिल हैं। लोकसभा में महाराष्ट्र से 48 सांसद आते हैं जो उत्तर प्रदेश (80) के बाद सबसे ज्यादा हैं। 

वहीं ओडिशा के मयूरभंज, बालेश्वर, जाजपुर, केंद्रपाड़ा एवं जगतसिंहपुर लोकसभा सीटों और इन छह संसदीय क्षेत्रों के तहत आने वाली विधानसभा की 41 सीटों पर सोमवार को चुनाव होने हैं। पत्कुरा को छोड़ ओडिशा में यह अंतिम चरण का मतदान होगा। बीजद उम्मीदवार के निधन के बाद इस सीट पर चुनाव 19 मई को कराए जाएंगे। 

चौथे चरण के चुनाव में 388 उम्मीदवारों - लोकसभा के लिए 51 और 41 विधानसभा सीटों पर 336 प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत का फैसला होगा। 

प्रमुख चेहरों में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा (केंद्रपाड़ा लोकसभा सीट) और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष निरंजन पटनायक शामिल हैं। राज्य में लोकसभा की 21 और विधानसभा की 147 सीटें हैं। 

मध्य प्रदेश में लोकसभा की छह सीटों और छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भी प्रचार शनिवार शाम थम गया। छिंदवाड़ा विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री कमलनाथ मैदान में हैं। लोकसभा की सभी छह सीटों - सीधी, शहडोल, जबलपुर, मांडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। मध्य प्रदेश में 29 अप्रैल को पहले चरण का चुनाव होना है। कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। 

भाजपा ने 2014 में ‘मोदी लहर’ का लाभ लेते हुए छह में से पांच सीटों पर जीत हासिल की थी लेकिन कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में नहीं जीत पाए थे। 
नवंबर 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद कमलनाथ के लिए छह महीने के भीतर राज्य विधानसभा में चुना जाना जरूरी है। कांग्रेस के विधायक दीपक सक्सेना ने उनके लिए यह सीट छोड़ी।

पहले चरण के चुनाव के लिए 108 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होंगे जबकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सुबह सात बजे से चार बजे तक वोट डाले जाएंगे। झारखंड में 29 अप्रैल को होने वाले लोकसभा की तीन सीटों पर चुनाव के लिए प्रचार शनिवार को खत्म हो गया। भाजपा शासित राज्य में सोमवार को पहले चरण के मतदान होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं ने झारखंड में रैली कर पार्टी को फिर से जिताने की अपील की जबकि विपक्षी पार्टियों के राष्ट्रीय स्तर का किसी प्रमुख नेता ने इन तीन सीटों - लोहरदगा (आरक्षित), चतरा और पलामू (आरक्षित) में प्रचार नहीं किया। 
भाजपा ने 2014 में यहां लोकसभा की 14 सीटों में से 12 पर जीत हासिल की थी जबकि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के हिस्से दो सीट आई थी। 

पश्चिम बंगाल के आठ निर्वाचन क्षेत्रों में चौथे चरण के चुनाव के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों का प्रचार शनिवार शाम को समाप्त हो गया। सोमवार को जिन सीटों पर चुनाव होने हैं उनमें ब्रह्मपुर, कृष्णानगर, रानाघाट, वर्द्धमान पूर्व, वर्द्घमान-दुर्गापुर, आसनसोल, बोलपुर और बीरभूम शामिल है। चुनाव आयोग ने बताया कि इन आठ सीटों से 68 उम्मीदवार मैदान में हैं। 

चार जिलों में फैली इन आठ सीटों पर तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच चतुष्कोणीय मुकाबला है। चुनाव आयोग ने बताया कि पहली बार सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम के साथ वीवीपैट भी इस्तेमाल होंगे। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 13 सीटों के लिए चुनाव प्रचार शनिवार शाम को थम गया। ज्यादातर सीटों पर भाजपा एवं सपा-बसपा के बीच सीधी टक्कर है। इन सीटों से कुल 152 उम्मीदवार मैदान में हैं। उत्तर प्रदेश में लोकसभा की 80 सीटें हैं और यहां सभी सात चरणों में चुनाव होने हैं। 

बिहार में लोकसभा की पांच सीटों - बेगूसराय, मुंगेर, उजियारपुर, समस्तीपुर और दरभंगा के लिए चुनाव प्रचार शनिवार को समाप्त हो गया। इस चरण में सभी निगाहें बेगूसराय सीट पर है जहां लड़ाई दक्षिणपंथी और वामपंथी राजनीतिक विचारधारा के बीच है और भाकपा प्रत्याशी कन्हैया कुमार भाजपा के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह को चुनौती दे रहे हैं। साथ ही इस सीट पर राजद के तनवीर हसन भी प्रत्याशी हैं जिन्हें 2014 के लोकसभा चुनाव में दूसरा स्थान हासिल हुआ था। 

अनंतनाग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के तहत आने वाले कुलगाम जिले में चुनाव प्रचार शनिवार को थम गया। इस सीट पर चुनाव तीन चरण में होने हैं। अनंतनाग सीट से 18 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें पीडीपी अध्यक्ष एवं जम्मू कशमीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं। कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर को उतारा है जबकि उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हसनैन मसूदी नेशनल कॉन्फ्रेंस की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। 

वहीं राजस्थान में पहले चरण के मतदान के लिए भी चुनाव प्रचार शनिवार को शाम छह बजे समाप्त हो गया। यहां दो चरणों में चुनाव संपन्न होंगे। पहले चरण में 13 सीटों पर मतदान होंगे। राज्य में लोकसभा की कुल 25 सीटें हैं। इन 13 सीटों में दो सीटें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं - जोधपुर एवं झालावाड़। जोधपुर से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव मैदान में हैं जबकि झालावाड़ से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बेटे दुष्यंत सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। 

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