पटना: भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले शत्रुघ्न सिन्हा के लिए आगे की राह थोड़ी मुश्किल नजर आ रही है। शत्रुघ्न सिन्हा को अपने निर्वाचन क्षेत्र पटना साहिब में अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं का विरोध झेलना पड़ रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक ग्रुप ने शत्रुघ्न को राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद के 'दलाल' की संज्ञा देते हुए सोमवार को उनकी उम्मीदवारी रद्द करने की मांग करते हुए पटना स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया।
Related Stories
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (BPCC) के प्रवक्ता एच के वर्मा ने हालांकि आशंका जताई कि कार्यकर्ताओं को ‘विपक्षी दलों’ द्वारा उनकी पार्टी मुख्यालय सदाकत आश्रम में भेजा गया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सिन्हा को RJD के इशारे पर कांग्रेस उम्मीदवार बनाया गया और BPCC अध्यक्ष मदन मोहन झा, पार्टी नेता शक्ति सिंह गोहिल और कांग्रेस के चुनाव अभियान समिति के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह द्वारा इस सीट को ‘बेच’ दिया गया।
आपको बता दें कि इससे पहले रविवार को सिन्हा को कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में घेर लिया गया था। दरअसल, अभिनेता से नेता बने सिहन्हा ने एक बैठक को संबोधित करने के दौरान कहा था कि ‘जब मैं किसी के साथ दोस्ती करता हूं तो मैं अपनी वफादारी नहीं बदलता’। सिन्हा पटना साहिब लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद हैं और 2014 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की थी। 2014 में जहां उन्हें कुल पड़े वोटों में से 55.04 प्रतिशत वोट मिले थे वहीं 2009 के चुनावों में उन्होंने 57.30 प्रतिशत मत हासिल किए थे।