मुंबई: बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन ने हाल ही में हेपेटाइटिस के खिलाफ और कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हेपेटाइटिस संबंधी जागरूकता मुहिम को आंगनवाड़ियों तक भी विस्तारित किया जा सकता है, ताकि महिलाओं एवं बच्चों में इस बीमारी को रोकने में मदद मिल सके। अमिताभ ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, “महाराष्ट्र सरकार की एक शानदार योजना है जिसमें वे आंगनवाड़ियों की मदद करते हैं और उसके साथ काम करते हैं... मुझे लगता है कि यह शानदार विचार होगा यदि सरकार हेपेटाइटिस के बारे में इन आंगनवाड़ियों को जागरुक करने की प्रक्रिया भी इस योजना में शामिल कर लें।“
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उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा गुरुवार को आयोजित ‘विश्व हेपेटाइटिस दिवस 2016 संगोष्ठी’ में कहा, “जब वे बच्चे के जन्म के समय किसी महिला की मदद करते हैं तो उन्हें उन महिलाओं को इस बारे में भी जागरुक करना चाहिए कि उन्हें समय पर टीकाकरण कराना चाहिए ताकि उनके बच्चे हेपेटाइटिस से बच सकें।“
घातक हेपेटाइटिस बी संक्रमण के कारण अमिताभ का 75 प्रतिशत लिवर खराब हो गया है और उनके लिवर का 25 प्रतिशत हिस्सा ही ठीक है। वह इस गंभीर बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए ब्रांड एम्बैसडर हैं। अमिताभ बच्चन का कहना है कि इस बीमारी की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिए एक तय बजट होना चाहिए।
उन्होंने स्वच्छता एवं महिलाओं की शिक्षा के महत्व पर भी बल दिया जिससे इस बीमारी पर काबू पाने में मदद मिल सकती है। अमिताभ ने कहा, “भारत सरकार की कई योजनाएं हैं जिनके लिए मैं काम करता हूं या जिन पर ध्यान देता हूं, भले ही वह ‘स्वच्छ भारत’ हो या ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ हो। हेपेटाइटिस ए एवं ई जलजनित बीमारियां है, यदि वातावरण स्वच्छ हो तो हम इन्हें रोक सकते हैं।