नई दिल्ली: आधी से ज्यादा फिल्म इंडस्ट्री अब करण जौहर की फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' के समर्थन में खड़ी नजर आ रही है और इसके रिलीज़ का मसला भी आज हल हो गया। इस दौरान बॉलीवुड से जुड़े लोगों का कहना था कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा हो रहा फिल्म का विरोध जायज नहीं है। बीती शाम हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार नसीरुद्दीन शाह ने भी एक कार्यक्रम के दौरान मनसे को जमकर खरी-खरी सुनाई। नसीरुद्दीन ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को हर कोई आसान टारगेट समझता है।
अपनी बेबाक टिप्पणी के लिए मशहूर नसीरुद्दीन ने बीती शाम एक किताब के विमोचन मसारोह में कहा, 'फिल्म इंडस्ट्री सभी को बेहद आसान टारगेट नजर आता है। उन्हें (मनसे) फिल्म इंडस्ट्री को टारगेट करने में वैसा ही मजा आता है, जैसा मजा उन्हें बॉलीवुड द्वारा बनाई गई फिल्मों को देखते हुए आता है। पाकिस्तान के साथ हमने राजनयिक संबंध नहीं तोड़े हैं। हम पाक के साथ युद्ध की स्थिति में भी नहीं हैं और ना ही हमने अपने बॉर्डर को सील किया है। हम सिर्फ उन पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं जो प्यार और शांति का संदेश अपने काम के जरिए देते हैं।'
हाल ही में मनसे ने मल्टीप्लेक्स मालिकों को धमकी दी थी कि 'ऐ दिल है मुश्किल' को रिलीज करने से पहले सोच लें कि उनकी स्क्रीन्स के शीशे बेहद महंगे हैं। इस पर नसीरुद्दीन ने कहा, 'मुझे लगता है कि बहादुर दिल वाले (मनसे), जिन्होंने मेकर्स और थिएटर मालिकों को धमकाया है, उन्हें बॉर्डर पर जाकर दुश्मन से लड़ना चाहिए, पाकिस्तान से आने वाले घुसपैठियों को मारना चाहिए। तब कुछ अच्छे परिणाम सामने आएंगे। बेचारे आर्टिस्टों को धमकाने से क्या हासिल होने वाला है?'
नसीरुद्दीन ने कहा कि वह इस फिल्म को जरूर देखेंगे। उन्होंने कहा, 'जिस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने पास कर दिया, उसे क्यों नहीं रिलीज होना चाहिए? उसपर रुकावट क्यों आनी चाहिए? मैं करण जौहर का कोई बड़ा फैन नहीं हूं, लेकिन ये फिल्म (ऐ दिल है मुश्किल) मैं जरूर देखूंगा। मैं सोचता हूं कि ऐसे किसी भी क्रिएटिव इंसान का समर्थन करना चाहिए, जो अपना काम दिखाना चाहता है। हालांकि सरकार ने भी आश्वासन दिया है कि इस फिल्म को रिलीज करने में कोई दिक्कत नहीं आने देगी।'
आज सुबह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के बंगले पर राज ठाकरे और फ़िल्म निर्माता-निर्देशक करण जोहर की बैठक हुई जिसमें इस शर्त पर फ़िल्म को रिलीज़ करने पर रज़ामंदी हो गई कि करण भविष्य में अपनी फ़िल्मों में पाकिस्तानी कलाकोरं को नहीं लेंगे। बैठक में एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे, एमएनएस नेता अमेय खोपकर, शालिनी ठाकरे, फ़िल्म निर्माता निर्देशक करण जोहर, सिद्धार्थ रॉय कपूर, मुकेश भट्ट, साजिद नादीयादवाला मौजूद थे।
ग़ौरतलब है कि उड़ी हमले के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने सिनेमाघरों को धमकी देते हुए कहा है कि वे करण जौहर की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को न दिखाएं जिसमें पाकिस्तानी कलाकार फ़वाद ख़ान भी हैं।