
ऋतिक ने कहा, "अस्पताल में अपने पिता को खून से लथपथ देखना दुर्भाग्यपूर्ण था और उस समय एक अभिनेता या डांसर होने जैसी चीज के मायने उनके लिए खत्म हो गए थे।" वह कहते हैं कि जीवन में जब आप निराश हो जाते हैं या आपको कोई चीज विचलित करती हैं, तो यह आपको सही कारणों का भी अहसास कराती है कि आपको कुछ क्यों करना चाहिए?
2 बच्चों के पिता ने कहा कि हर बार जब आपको सीखने और बढ़ने का मौका मिलता है, तो सकारात्मक रूप से इसे सही तरीके से लेना चाहिए। साथ ही ऋतिक ने बताया कि 'जोधा अकबर' की शूटिग के दौरान उनके घुटने में लगी चोट से भी उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। मैं 'जोधा अकबर' के क्लाइमेक्स की शूटिंग कर रहा था और अचानक घुटने ने जवाब दे दिया। ऋतिक के घुटने में गठिया पाया गया था, लेकिन उनका कहना है कि उनका विश्वास किसी भी विज्ञान से ज्यादा मजबूत था।
2013 में एक मस्तिष्क सर्जरी से भी गुजर चुके अभिनेता ने कहा, "यह मेरा विश्वास है कि अगर हम एक अतिरिक्त मील ज्यादा चल लेंगे तो हर मुसीबत का रास्ता खोज सकते हैं। कभी भी विश्वास करना बंद न करें क्योंकि हर मुसीबत का कोई न कोई हल जरूर होता है।" अभिनेता कहते हैं, "मस्तिष्क सर्जरी का मेरे भविष्य पर फिर से विनाशकारी प्रभाव पड़ा, जैसे कि मैं क्या कर सकता हूं और क्या नहीं लेकिन तब तक मैंने अपने आपको दिमागी रूप से काफी मजबूत बना लिया था। मुझे लगा जैसे मेरे करियर और संभावनाओं में कोई रुकावट नहीं है और अब जब मैं पीछे मुड़ कर देखता हूं और जीवन की सभी कड़ियों को जोड़ता हूं तो मेरे जीवन में यह लग रहा था कि सब कुछ खत्म हो चुका है या ऐसा लग रहा था जैसे मैं जारी नहीं रख सकता, लेकिन यह केवल मुझे संकेत दे रहा था ताकि एक दिन मैं एचआरएक्स ब्रांड का निर्माण कर सकूं।"
ऋतिक कहते हैं, "मैं अपनी पूरी यात्रा को बहुत ही सकारात्मक रूप से देखता हूं। यहां तक कि मेरा सुजैन से अलग होना, जो भावनात्मक रूप से सबसे अधिक मुश्किल स्थिति थी, मैंने उस पर भी जीत हासिल की।"