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28 दिन में बनी 10 लाख बजट वाली फिल्म, 2 बड़े स्टार के बीच लाइमलाइट लूट ले गया कुत्ता, की थी छप्परफाड़ कमाई

आज हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बताते हैं, जिसे 10 लाख के बजट में 28 दिनों में शूट कर लिया गया था और इसमें दो बड़े स्टार लीड रोल में नजर आए थे। इसके बाद भी फिल्म में एक कुत्ता पूरी लाइमलाइट लूट ले गया।

Written By: Priya Shukla
Published : Jan 07, 2026 10:26 pm IST, Updated : Jan 07, 2026 10:26 pm IST
Poonam Dhillon- India TV Hindi
Image Source : SCREEN GRAB YOUTUBE YRF सुपरहिट थी 10 लाख में बनी ये फिल्म

बॉलीवुड में कुछ ऐसी फिल्में बनी हैं, जिन्होंने पारंपरिक फॉर्मूले को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया। पिछले दिनों कुछ लो बजट फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर खूब धूम मचाई। इनमें 'सैयारा' से लेकर गुजराती फिल्म 'लालो' तक के शामिल हैं, जिन्होंने अपने बजट से कई गुना ज्यादा कमाई की। इस कड़ी में आज हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बताते हैं, जिसकी शूटिंग 28 दिनों में पूरी हो गई थी। इसका बजट भी मात्र 10 लाख था और सभी गानों को 3 ही दिन में रिकॉर्ड कर लिया गया था। लेकिन, इसके बाद जब ये फिल्म बड़े पर्दे पर रिलीज हुई तो इसकी कमाई और सफलता देखकर हर कोई चौंक गया। खास बात तो ये है कि इस लो बजट फिल्म में दो उस दौर के दो बड़े स्टार थे, लेकिन एक कुत्ता हीरो बन गया। हम बात कर रहे हैं 1979 में रिलीज हुई 'नूरी' की।

कुत्ते की बुद्धिमता पर लट्टू हुए थे दर्शक

1979 में आई 'नूरी' में फारुक शेख और पूनम ढिल्लों लीड रोल में थे। वहीं इसमें एक कुत्ता भी था, जिसका नाम खैरू था। खैरू ने इस फिल्म में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पर्दे पर इस कुत्ते कीभावनाएं, वफादारी और बुद्धिमत्ता ने हर दर्शक का ध्यान अपनी तरफ खींचा और फिल्म के मार्मिक पलों का केंद्र भी बना। दर्शकों के बीच दो ब़ड़े स्टार्स के होने के बाद भी इस कुत्ते के खूब चर्चे हुए थे।

'नूरी' का साइलेंट हीरो

'नूरी' एक प्रेम कहानी है, जिसकी पूरी कहानी नूरी (पूनम ढिल्लों) और युसुफ (फारुख शेख) के इर्द-गिर्द घूमती है। नूरी और युसुफ शादी करने वाले होते हैं, लेकिन एक ईर्ष्यालु ग्रामीण बशीर, नूरी के पिता की हत्या करवा देता है। बशीर चालाकी से युसुफ को बाहर भेज देता है और नूरी का यौन शोषण करता है, जिसके चलते नूरी आत्महत्या कर लेती है। युसुफ बदला लेने की कोशिश करता है, लेकिन बशीर उसे भी गोली मार देता है और आखिरी में नूरी का वफादार कुत्ता खैरू बशीर से बदला लेता है और उसे मार डालता है।

खैरू की वफादारी की खूब हुई चर्चा

फिल्म के प्रोड्यूसर यश चोपड़ा और निर्देशक मनमोहन कृष्णा थे। वहीं फारूक शेख और पूनम ढिल्लों फिल्म में लीड रोल में थे, लेकिन इस फिल्म का सबसे बड़ा सुपरस्टार बनकर सामने आया खैरू। गांव की पृष्ठभूमि पर बनी ये फिल्म दर्शकों को इतनी पसंद आई कि सिनेमाघरों के बाहर भीड़ उमड़ पड़ी और देखते ही देखते फिल्म ने 4 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर लिया और साल की सबसे सफल फिल्मों में से एक साबित हुई।

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