1. Hindi News
  2. Explainers
  3. "ऑपरेशन सिंदूर" ने कैसे तोड़ा था पाकिस्तान का गुरूर, तबाह कर दिए थे 11 सैन्य बेस; आतंक पर Indian Army का घातक प्रहार

"ऑपरेशन सिंदूर" ने कैसे तोड़ा था पाकिस्तान का गुरूर, तबाह कर दिए थे 11 सैन्य बेस; आतंक पर Indian Army का घातक प्रहार

 Published : May 07, 2026 11:20 am IST,  Updated : May 07, 2026 11:24 am IST

भारतीय सेना ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 भारतीय पर्यटकों की मौत का बदला लेने के लिए पाकिस्तानी आतंकियों के खिलाफ 6-7 मई की रात "ऑपरेशन सिंदूर" चलाया था। इस ऑपरेशन के जरिये भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों और आर्मी बेस पर घातक हमले किए थे।

ऑपरेशन सिंदूर। - India TV Hindi
ऑपरेशन सिंदूर। Image Source : PTI

Explainer (Operation Sindoor): भारत ने पाकिस्तान में बैठे दुनिया के खूंखार आतंकवादी संगठनों लश्कर-ए-तैय्यबा, हिजबुल-मुजाहिद्दीन, अलकायदा और जैश-ए-मोहम्मद के सैन्य ठिकानों पर एक साल पहले आज के ही दिन 6-7 मई की रात को घातक प्रहार किया था। भारतीय सेना ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमलों का जवाब देने के लिए "ऑपरेशन सिंदूर" चलाया था। इसके तहत पाकिस्तान के 9 प्रमुख आतंक के अड्डों पर बड़ा मिसाइल हमला किया था। इससे पाकिस्तान की हुकूमत में भी हाहाकार मच गया था। इस दौरान बाद में भारतीय सेना ने जवाबी हमले में पाकिस्तान के 11 आर्मी बेस भी तबाह कर दिए थे। इससे पाकिस्तान थर्रा उठा था। नतीजा यह हुआ कि महज 3 दिनों की जंग में ही पाकिस्तान तौबा बोल गया और उसे भारत के सामने सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाना पड़ा था। 

भारत ने तोड़ा पाकिस्तान का गुरूर

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 भारतीय पर्यटकों की मौत का बदला लेने के लिए भारत ने पहले पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया और पाक सेना के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। मगर इसके बावजूद जब पाकिस्तान की सेना और सरकार ने आतंकियों के समर्थन में उनके साथ खड़े होकर भारत पर पलटवार करने का प्रयास किया तो भारतीय सेना ने उसके सभी गुरूर को तोड़ दिया। इंडियन आर्मी ने इस दौरान पाकिस्तान के 11 आर्मी बेस को एक झटके में तबाह कर दिया। इससे पाकिस्तान की सेना और सरकार घुटनों पर आ गई और भारत से सीजफायर की गुहार लगाने लगी।

 

पाकिस्तान के प्रायोजित आतंक के खिलाफ सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई

"ऑपरेशन सिंदूर" पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई थी।  भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त अभियान ने न केवल पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों को नष्ट किया, बल्कि पाक आर्मी के 11  एयरबेस को भी तबाह कर दिया। इससे पाकिस्तानी सेना का गुरूर भी चकनाचूर हो गया। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमला जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों से जुड़ा था, जिन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थन देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद अब ऐसे ही करारा जवाब दिया जाएगा। 

भारतीय सेना ने कैसे चलाया पाकिस्तान में ऑपरेशन सिंदूर


6 मई की आधी रात 1:05 बजे के आसपास भारतीय वायुसेना और थलसेना ने संयुक्त रूप से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 प्रमुख आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल और एयर स्ट्राइक्स किए। इस दौरान मुख्य रूप से पाकिस्तान के बहावलपुर में स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का मुख्यालय, मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा का बेस, मुफ्तफ्फराबाद, कोटली, भिंबर आदि में अन्य कैंपों को भारतीय सेना ने सटीक हमले में खल्लास कर दिया। ये हमले ब्रह्मोस, स्कैल्प और अन्य प्रेसिजन गाइडेड मुनिशन्स से किए गए। भाए हुए लक्ष्यों को पूरी तरह तबाह कर दिया। सैटेलाइट इमेजेस और ड्रोन फुटेज बाद में जारी किए गए, जिनमें ध्वस्त कैंप साफ दिख रहे थे। भारत ने इस हमले में पाकिस्तान के कम से कम 100 आतंकवादियों को ढेर कर दिया था।


पाक के 11 मिलिट्री बेस का किया विनाश

भारतीय सेना ने जब आतंकी ठिकानों पर शुरुआती हमले किए तो इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की। इसके जवाब में 8 से 10 मई तक भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर घातक प्रहार किए। भारत के इस हमले में पाकिस्तान का नूर खान एयरबेस (चकाला), सरगोधा एयरबेस, स्कर्दू एयरबेस, रफीक़ी एयरबेस, मुरीदके एयरबेस, सुक्कुर एयरबेस, सियालकोट एयरबेस, पासरूर एयरबेस, चुनियां एयरबेस के साथ भोलारी और जेकबाबाद एयरबेस तबाह हो गए। इन हमलों में पाकिस्तान के कई हैंगर, राडार, फाइटर जेट्स और कमांड सेंटर भी नष्ट कर दिए गए। कई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों और सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार भारत के हमले में पाकिस्तानी एयरफोर्स का करीब 20% इंफ्रास्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हो गया। भोलारी एयरबेस पर सबसे भारी नुकसान हुआ, जहां 50 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, जिनमें एक स्क्वाड्रन लीडर भी शामिल था। भारतीय मिसाइलें पाकिस्तानी एयर डिफेंस को चकमा देते हुए लक्ष्य पर सटीं। पाकिस्तान एक भी मिसाइल को इंटरसेप्ट नहीं कर सका। 


पाकिस्तान पर भारत का ऐतिहासिक हमला


यह पहली बार था जब 1971 के युद्ध के बाद भारत ने पाकिस्तान की मुख्य भूमि पर इतने गहरे और व्यापक सैन्य हमले किए। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने आधुनिक ड्रोन, सैटेलाइट इंटेलिजेंस और जॉइंट कमांड सिस्टम का बेहतरीन उपयोग किया। बौखलाए पाकिस्तान ने “ऑपरेशन बुनयान-उल-मरसूस” नाम से जवाबी हमले किए, लेकिन वे असफल रहे। भारत ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को अपनी एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराया। दोनों तरफ कुछ हवाई लड़ाइयां हुईं, जिनमें भारत ने पाकिस्तानी जेट्स को मार गिराया। बाद में पाकिस्तान की अपील पर 10 मई को भारत ने सीजफायर को मंजूरी दे दी और युद्ध खत्म हो गया। 

ऑपरेशन सिंदूर है जारी

भारत ने साफ कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी सिर्फ स्थगित हुआ है, खत्म नहीं हुआ है। अगर पाकिस्तान की ओर से फिर ऐसी कोई आतंकी हरकत की गई तो इस बार भारत उसे ऐतिहासिक सबक सिखाने को प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया कि भारत अब आतंक के स्रोत पर ही प्रहार करेगा। इससे पाकिस्तान की सेना और आतंकी नेटवर्क दोनों को भारी झटका लगा है। भारत के इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के आतंकवादी शिविरों में सैकड़ों आतंकियों के मारे जाने की खबरें आईं। इस युद्ध में भारत की सैन्य श्रेष्ठता साबित हुई और दुनिया भर में भारतीय हथियारों (ब्रह्मोस, स्कैल्प आदि) की चर्चा हुई।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Explainers से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।