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चीन को झटका, भारत से बढ़ाएंगे रिश्ते! नवंबर में प्रधानमंत्री मोदी से मिल सकते हैं नेपाल के PM बालेन शाह

 Written By: Malaika Imam
 Published : Oct 15, 2026 05:59 pm IST,  Updated : Oct 15, 2026 06:11 pm IST

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के भारत दौरे की चर्चा है। बताया जा रहा है कि बालेन शाह नवंबर में भारत के दौरे पर आ सकते हैं। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होगी।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह- India TV Hindi
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह Image Source : PTI

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह (बालेंद्र शाह) नवंबर में भारत दौरे पर आ सकते हैं। प्रधानमंत्री बनने के करीब आठ महीने बाद उनका यह पहला आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश दौरा होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, तीन दिवसीय यात्रा नवंबर के तीसरे या चौथे सप्ताह में प्रस्तावित है। इस दौरान बालेन शाह की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और सीमा विवाद जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

नेपाल के अंग्रेजी अखबार द काठमांडू पोस्ट की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और नेपाल के अधिकारियों ने उन परियोजनाओं की लिस्ट शेयर की है, जिनका उद्घाटन या शिलान्यास शाह की यात्रा के दौरान किया जा सकता है। हालांकि, दोनों देशों की ओर से अभी तक यात्रा की आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की गई है।

पहले दौरे पर नहीं जाएंगे चीन

नेपाल के प्रधानमंत्रियों के लिए भारत पारंपरिक रूप से पहला विदेशी गंतव्य रहा है। हालांकि, कुछ प्रधानमंत्रियों ने इस परंपरा से अलग रास्ता चुना। पुष्प कमल दहल प्रचंड ने 2008 में चीन का दौरा किया था, जबकि केपी शर्मा ओली ने दिसंबर 2024 में सत्ता में लौटने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए चीन को चुना था।

ऐसे में बालेन शाह का भारत दौरा दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। बालेन शाह मार्च में प्रधानमंत्री बने थे। सितंबर में वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका गए थे, लेकिन भारत यात्रा उनकी पहली आधिकारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी।

शाह ने अपने शुरुआती कार्यकाल में विदेशी राजनयिकों से व्यक्तिगत मुलाकातों को लेकर सतर्क रुख अपनाया था। बाद में उन्होंने भारत और चीन के राजदूतों से अलग-अलग मुलाकात की। अगस्त में उन्होंने भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव के साथ अपनी पहली व्यक्तिगत राजनयिक बैठक की थी।

भारत-नेपाल के बीच कई परियोजनाओं पर हो सकता है समझौता

बालेन शाह के दौरे के दौरान भारत की मदद से नेपाल में चल रही कई परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं। संभावित परियोजनाओं में पनौती स्थित नेपाल पुलिस अकादमी, उत्तर प्रदेश की सीमा के पास भैरहवा इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट और पश्चिमी नेपाल के दार्चुला जिले में पुलों का उद्घाटन शामिल है। महाकाली नदी पर बने पुलों से जुड़ी परियोजनाएं भी एजेंडे में रह सकती हैं।

इसके अलावा, दोनों प्रधानमंत्री डोधारा चांदनी इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट, लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना और सिलीगुड़ी-झापा पेट्रोलियम पाइपलाइन के निर्माण की शुरुआत कर सकते हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है। भारत की सरकारी कंपनी एनएचपीसी से जुड़ी 750 मेगावाट की वेस्ट सेती, 480 मेगावाट की फुकोट कर्णाली और 450 मेगावाट की सेती नदी-6 जलविद्युत परियोजनाएं वार्ता का हिस्सा बन सकती हैं।

इसके अलावा, कोशी नदी परियोजना, प्रस्तावित अयोध्या-जनकपुर रेलवे संपर्क और नेपाल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) संबंधी योजनाओं में भारत की सहायता पर भी विचार किया जा सकता है।

सीमा विवाद और व्यापार असंतुलन पर होगी चर्चा

भारत और नेपाल के बीच संबंधों में सहयोग के साथ कुछ ऐसे मुद्दे भी हैं, जिनका अब तक समाधान नहीं निकल पाया है। इनमें कालापानी-लिपुलेख सीमा विवाद, नेपाल के लिए अतिरिक्त हवाई प्रवेश मार्ग, व्यापार असंतुलन और पारगमन व्यवस्था प्रमुख हैं।

द काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत के साथ सीमा, हवाई मार्ग और व्यापार असंतुलन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की जरूरत है। अधिकारी के अनुसार, दशैं त्योहार के बाद यात्रा की तैयारियों को लेकर परामर्श किया जाना था।

दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना पर भी बातचीत हो सकती है। भारत और नेपाल के बीच सीमा संबंधी मतभेद संवेदनशील विषय बने हुए हैं और इन पर किसी ठोस प्रगति को इस यात्रा के अहम परिणामों में गिना जाएगा।

बाढ़ राहत के बाद पुनर्निर्माण में भारत से मदद की उम्मीद

नेपाल में 26 अगस्त को भोतेकोशी क्षेत्र में आई बाढ़ के बाद भारत ने राहत और बचाव कार्यों में सहायता दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह से बात कर हरसंभव मानवीय सहायता देने की पेशकश की थी। इसके बाद भारत ने नेपाल को 130 टन से अधिक राहत सामग्री भेजी और बचाव एव फॉरेंसिक कार्यों के लिए 54 विशेषज्ञ तैनात किए। बालेन शाह ने 2 सितंबर को संसद में दिए गए संबोधन में भारत सहित सहायता देने वाले देशों का आभार जताया था।

अब नेपाल बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और जलविद्युत सुविधाओं के पुनर्निर्माण के लिए भारत से अनुदान और रियायती ऋण की उम्मीद कर रहा है। नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले इस संबंध में संभावित सहायता पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली का दौरा भी कर चुके हैं।

भारत-नेपाल संबंधों की दिशा तय कर सकती है यात्रा

बालेन शाह का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब दोनों देश बुनियादी ढांचे और ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने के साथ लंबे समय से लंबित विवादों के समाधान की संभावनाएं तलाश रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने 30 सितंबर को कहा था कि नेपाल और भारत, दोनों ही प्रधानमंत्री बालेन शाह की भारत यात्रा को परिणामोन्मुखी और सार्थक बनाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने पहले संबोधन के दौरान बालेन शाह ने भारत, नेपाल और चीन के बीच जलवायु सहयोग तंत्र बनाने का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों की आपदाओं के प्रति संवेदनशीलता का मुद्दा भी उठाया था।

अब नई दिल्ली की प्रस्तावित यात्रा में यह देखना अहम होगा कि बालेन शाह की विदेश नीति की प्राथमिकताएं भारत के साथ ठोस समझौतों में कितनी बदल पाती हैं। बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, बाढ़ पुनर्निर्माण और सीमा विवाद पर होने वाली बातचीत दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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