1. Hindi News
  2. Explainers
  3. Explainer: गुप्त धन मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब क्या होगा ट्रंप का भविष्य, क्या जेल जाएंगे और नहीं लड़ सकेंगे राष्ट्रपति चुनाव?

Explainer: गुप्त धन मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अब क्या होगा ट्रंप का भविष्य, क्या जेल जाएंगे और नहीं लड़ सकेंगे राष्ट्रपति चुनाव?

 Published : May 31, 2024 09:25 am IST,  Updated : May 31, 2024 09:25 am IST

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प को एक एडल्ट स्टार को उसका मुंह बंद कराने के लिए गुप्त धन देने के मामले समेत 34 मामलों में दोषी ठहराया गया है। ऐसे में सवाल है कि अब उन्हें सजा सुनाए जाने के बाद क्या जेल जाना पड़ सकता है या क्या ट्रम्प अब राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ पाएंगे?

डोनॉल्ड ट्रंप, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति। - India TV Hindi
डोनॉल्ड ट्रंप, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति। Image Source : PTI

Explainer: अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले पूर्व राष्ट्रपति  डोनॉल्ड ट्रम्प को गुप्त धन समेत 34 मामलों में दोषी ठहराया गया है। किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने वाले अमेरिका के पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं। मैनहट्टन की अदालत आगामी 11 जुलाई को उन्हें सजा सुनाएगी। मगर सवाल ये है कि सजा का इंतजार करते समय क्या ट्रम्प एक स्वतंत्र व्यक्ति बने रहेंगे और गुप्त धन भुगतान के मामले को छुपाने के लिए व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के लिए पूरी तरह से जेल की सजा से बच सकते हैं। ट्रंप क्या सजा पाने के बाद भी राष्ट्रपति चुनाव लड़ पाएंगे?....आइये जानते हैं कि ट्रम्प का भविष्य अब क्या होने वाला है?

ट्रम्प के मामले की सुनवाई की अध्यक्षता करने वाले न्यायाधीश जुआन मर्चन को पहले फैसले को मंजूरी देनी होगी और अंतिम निर्णय देना होगा, हालांकि यह आमतौर पर एक औपचारिकता है। अभी ट्रम्प को जेल नहीं भेजा गया है। न्यूयॉर्क में आपराधिक प्रतिवादियों को आम तौर पर दोषी करार दिए जाने के कई हफ्तों के बाद सजा सुनाई जाती है, लेकिन फैसले के बाद भी कानूनी विवाद के कारण कभी-कभी सजा में महीनों की देरी हो सकती है। इस बीच वकील और अभियोजक सजा की सिफारिश करेंगे और फिर ट्रम्प की सजा की सुनवाई पर बहस करेंगे। इसके बाद ही न्यायाधीश निर्णय लेंगे।

क्या ट्रम्प जाएंगे जेल?

सवाल यही है कि सजा सुनाए जाने के बाद क्या ट्रम्प को जेल भेज दिया जाएगा?...तो समझ लीजिए की यह इस मामले में असंभावित है। बता दें कि व्यापारिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के अपराध के लिए ट्रम्प को अधिकतम सवा साल से लेकर 4 वर्ष तक की जेल है। मगर कानूनी प्रावधान के मुताबिक जिनका पहले से कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, उन्हें केवल व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी के लिए दोषी ठहराए जाने के बाद जेल की सजा सुनाया जाना दुर्लभ है, क्योंकि ऐसे मामलों में जुर्माने या परिवीक्षा जैसी सजाएं अधिक आम हैं। ऐसे में यह तय है कि ट्रम्प को इस केस में जेल नहीं जाना पड़ेगा।

ज्यादा से ज्यादा ट्रम्प को हो सकती है ये सजा

अमेरिका में आम तौर पर व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने के दोषी पाए गए प्रतिवादियों को एक साल या उससे कम समय की सजा सुनाई जाती है, वह भी ट्रम्प के विपरीत धोखाधड़ी या बड़ी चोरी जैसे अपराधों में, इसके बावजूद उन्हें जेल नहीं जाना पड़ता। ऐसे में ट्रंप पर केवल व्यावसायिक रिकॉर्ड में हेराफेरी करने का ही दोष है। ऐसे में संभावना है कि ट्रम्प को अधिक से अधिक जुर्माना लगाकर दंडित किया जाएगा। अगर इससे भी कड़ी सजा होती है तो उनको जेल भेजने के बजाय उनके ही घर में कैद किया जा सकता है या कर्फ्यू लगाया जा सकता है। वहीं एक पूर्व राष्ट्रपति के रूप में उनके पास आजीवन गुप्त सेवा विवरण है ऐसे में उन्हें सलाखों के पीछे सुरक्षित रखने की व्यवस्था जटिल हो सकती है।  

क्या ट्रम्प दोषसिद्धि के खिलाफ अपील कर सकते हैं?

बिलकुल ट्रम्प अपनी दोषसिद्धि के फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील कर सकते हैं। इसमें ट्रम्प यह तर्क दे सकते हैं कि न्यायाधीश मर्चेन ने उनकी अपील को परीक्षण से पहले ही खारिज कर दिया। वह आरोप लगा सकते हैं कि अभियोग कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण और राजनीति से प्रेरित है। उनके यह तर्क देने की भी संभावना है कि मर्चन ने कानूनी त्रुटियां करके उन्हें निष्पक्ष सुनवाई से वंचित कर दिया, जिसमें अपमानजनक रूप से एक पोर्न स्टार की गवाही की अनुमति देना भी शामिल है, जिसने कहा कि उसने ट्रम्प के साथ यौन संबंध बनाए थे। इस गवाही के बारे में उनके वकीलों ने कहा कि यह अनावश्यक था और इसका उद्देश्य उनके खिलाफ जूरी को भड़काना था। 

क्या ट्रम्प अब भी राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकते हैं?

अमेरिकी संविधान के अनुसार केवल यह आवश्यक है कि राष्ट्रपति कम से कम 35 वर्ष का हो और प्राकृतिक रूप से जन्मे अमेरिकी नागरिक हों जो देश में 14 वर्षों से रह रहे हों। ट्रम्प के वकीलों ने तर्क दिया है कि राज्य का कानून संघीय चुनावों पर लागू नहीं होता है। ऐसे में वह राष्ट्रपति चुनाव लड़ सकते हैं। सैद्धांति रूप में यदि ट्रंप बाइडेन को हरा देते हैं तो उन्हें उद्घाटन दिवस 20 जनवरी 2025 को जेल में होने पर भी राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई जा सकती है। (रायटर्स) 

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Explainers से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।