सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को अपना स्वयं का चित्र (पोर्ट्रेट) उपहार में दिया। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस दावे को फर्जी करार दिया है।
क्या है वायरल दावे की सच्चाई
PIB Fact Check ने एक्स (पहले ट्विटर) पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह गलत है। उन्होंने लिखा, “एक वीडियो ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है जिसमें दावा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अपना चित्र उपहार में दिया। PIBFactCheck यह दावा फेक है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 12 अक्टूबर 2019 को महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी तस्वीर वाली पोर्सिलेन (चीनी मिट्टी का स्मृति चिह्न) की यादगार भेंट की थी।”
सच्ची घटना के बारे में जानें
वास्तविक घटना 2019 में तमिलनाडु के महाबलीपुरम में हुई भारत-चीन अनौपचारिक शिखर बैठक की है। उस समय दोनों नेताओं ने उपहारों का आदान-प्रदान किया था। पीएम मोदी ने शी जिनपिंग को कांचीपुरम स्टाइल का सिल्क और गोल्ड से बना विशेष पोर्ट्रेट भेंट किया, जिसमें चीनी राष्ट्रपति की तस्वीर थी। इसके जवाब में शी जिनपिंग ने पीएम मोदी को पोर्सिलेन का मेमेंटो दिया, जिसमें मोदी की तस्वीर उकेरी गई थी।
PIB ने शेयर की सही फोटो
PIB ने मूल वीडियो भी शेयर किया, जो 12 अक्टूबर 2019 का है। इसमें साफ दिखता है कि शी जिनपिंग मोदी को वह पोर्सिलेन मेमेंटो दे रहे हैं। वायरल क्लिप में घटना को उल्टा बताकर गलत कथा गढ़ी जा रही है।
ब्रिक्स समिट 2026 में पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात
नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात हुई। शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचे हैं। दोनों नेताओं ने भारत मंडपम में मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों, सीमा प्रबंधन और सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की। यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों में थॉ की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी मौजूद रहे। ब्रिक्स नेताओं ने वैश्विक चुनौतियों और ग्लोबल साउथ की भूमिका पर जोर दिया।
ये भी पढ़ें -
पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की नई साजिश! जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नाम पर फैलाया गया फर्जी वीडियो