कृति सेनन की आने वाली फिल्म मिमी का पोस्टर काफी चर्चा में है। कहा जा रहा है कि इस फिल्म में कृति सरोगेट मदर बनी हैं जो दूसरे के लिए बच्चा पैदा करती है। सरोगेसी हो या आईवीएफ, सिंगल मॉम हो या सिंगल पेरेंटिंग, मदरहुड को हिंदी सिनेना में कई रोचक अंदाज में दिखाया है। बॉलीवुड इस कोशिश में कायबाब रहा है कि जब जब उसने मदरहुड और फादरहुड को नए और सशक्त अंदाज में परोसा, लोगों ने प्रशंसा की। आइए आज ऐसी ही फिल्मों की बात करते हैं जिसमें मदरहुड और पेरेंटिंग के नए अंदाज देखने को मिले और वो फिल्में लोगों को पसंद आईं।
चोरी चोरी चुपके चुपके
सलमान खान, प्रीति जिंटा और रानी मुखर्जी को लेकर बनी ये फिल्म सरोगेसी पर आधारित थी। एक औरत दूसरी औरत के लिए बच्चा पैदा करती है लेकिन चूंकि वो भी मां है इसलिए बच्चे के पैदा होने पर प्रेम उमड़ना स्वाभाविक है। ऐसे ही रिश्तों के द्वंद से सजी फिल्म लोगों को पसंद आई थी।
क्या कहना
प्रीति जिंटा साहसिक फिल्में चूज करने के लिए जानी जाती हैं। चोरी चोरी चुपके चुपके के अलावा उन्होंने फिल्म क्या कहना में भी सिंगल मॉम का किरदार काफी शानदार तरीके से निभाया था।
बधाई हो
बधाई हो ने उस धारणा को ही बदल दिया जिसमें ज्यादा उम्र में बच्चे पैदा करने वाले शर्मिंदगी महसूस करते थे। नीना गुप्ता और गजराज राव के साथ आयुष्मान खुराना भी इस फिल्म में थे। फिल्म उस मिथक को तोड़ने में कामयाब रही कि ज्यादा उम्र में संतान पैदा करना गलत है। सामाजिक तौर पर भी इस फिल्म ने कई लोगों की झिझक खत्म कर डाली।
फिलहाल
मेघना गुलजार द्वारा डायरेक्ट फिल्म फिलहाल में सुष्मिता सेन ने सरोगेट मदर का किरदार निभाय था। इस फिल्म में सुष्मिता अपनी सहेली और उसके पति के लिए संतान पैदा करती हैं। मानवीय रिश्तों की बारीकी इस फिल्म में शानदार तरीके से दिखाई गई थी।
विकी डोनर
मदरहुड पर काफी फिल्में बनी लेकिन फादरहुड पर और नए जमाने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनी फिल्म विकी डोनर वाकई कमाल फिल्म थी। स्पर्म डोनेशन के मुद्दे पर बनी फिल्म ने कई लोगों के संकोच दूर किए। इस फिल्म आयुष्मान खुराना ने वाकई चैलेंजिंग रोल किया था।
पा
देखा जाए तो अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन अभिनीत ये फिल्म वाकई शानदार थी। दिव्यांग बच्चे को पालता एक बाप जो कई कठिनाइयों से गुजरता है। फादरहुड के सशक्त वर्जन को दिखाती ये फिल्म बताती है कि जरूरत पड़े तो बाप मां भी बनकर बच्चे का साया बन जाता है, उसके सुख दुख को अपनाकर उसका सच्चा साथी बनता है।