1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. धर्म
  4. सावन के सोमवार पर बन रहा है महासंयोग, शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये चीजें

सावन के सोमवार पर बन रहा है महासंयोग, शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये चीजें

Written By: Vineeta Mandal
Published : Aug 13, 2026 11:57 pm IST,  Updated : Aug 13, 2026 11:57 pm IST
सावन माह का तीसरा सोमवार का व्रत 17 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। इस दिन नाग पंचमी का महासंयोग भी बन रहा है। ज्योतिषों के अनुसार, यह संयोग अत्यंत ही शुभ और फलदायी होता है।
1/4 Image Source : PEXELS
सावन माह का तीसरा सोमवार का व्रत 17 अगस्त 2026 को रखा जाएगा। इस दिन नाग पंचमी का महासंयोग भी बन रहा है। ज्योतिषों के अनुसार, यह संयोग अत्यंत ही शुभ और फलदायी होता है।
हिंदू धर्म में नाग पंचमी का त्यौहार अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ ही नाग देवता की पूजा की जाती है। अगर कुंडली में कालसर्प दोष है तो नाग पंचमी के दिन इससे मुक्ति के उपाय जरूर करें।
2/4 Image Source : PEXELS
हिंदू धर्म में नाग पंचमी का त्यौहार अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ ही नाग देवता की पूजा की जाती है। अगर कुंडली में कालसर्प दोष है तो नाग पंचमी के दिन इससे मुक्ति के उपाय जरूर करें।
वहीं सावन सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग में भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें। इस दिन शिवलिंग पर दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भस्म और फूल अर्पित करें। साथ ही शिव चालीसा और महादेव के मंत्रों का जाप करें।
3/4 Image Source : PEXELS
वहीं सावन सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग में भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें। इस दिन शिवलिंग पर दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भस्म और फूल अर्पित करें। साथ ही शिव चालीसा और महादेव के मंत्रों का जाप करें।
 नाग पंचमी के दिन राहुकाल सुबह 07:30 बजे से लेकर सुबह 09:08 बजे तक है। राहुकाल के समय में राहु और केतु के दोषों से मुक्ति के लिए भगवान शिव की पूजा करें। बता दें कि राहु-केतु से ही कालसर्प दोष लगता है।
4/4 Image Source : PEXELS
नाग पंचमी के दिन राहुकाल सुबह 07:30 बजे से लेकर सुबह 09:08 बजे तक है। राहुकाल के समय में राहु और केतु के दोषों से मुक्ति के लिए भगवान शिव की पूजा करें। बता दें कि राहु-केतु से ही कालसर्प दोष लगता है।
Advertisement