पितरों को जल चढ़ाते समय मुंह किस ओर रखना चाहिए? जानिए तर्पण की सही विधि
पितरों को जल चढ़ाते समय मुंह किस ओर रखना चाहिए? जानिए तर्पण की सही विधि
पितरों की कृपा पाने के लिए पितृ पक्ष का समय सबसे उत्तम माना जाता है। पितृ पक्ष में तर्पण करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं। तो यहां जानिए कि पितरों को जल चढ़ाते समय मुंह कि ओर रखना चाहिए।
Published : Sep 30, 2026 08:27 pm IST, Updated : Sep 30, 2026 08:27 pm IST
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पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय माना जाता है। पितृ पक्ष में पितरों का स्मरण,पूजन, तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके अलावा पितृ पक्ष में गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, धन, वस्त्र और भोजन का दान करने से पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है।
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पितृ पक्ष में पितरों की आत्मा की तृप्ति के लिए जल दिया जाता है, जिसे तर्पण कहते हैं। हिंदी धर्म में पितरों का तर्पण करना अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना गया है। पितरों को जल देते समय दिशा का खास ध्यान रखना चाहिए। तभी पूर्वजों की कृपा प्राप्त होती है। तर्पण के बाद बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र, अनाज या अपनी क्षमता के अनुसार जरूरी चीजों का दान करें।
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धार्मिक मान्यता के अनुसार दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पितरों को जल देना चाहिए। हिंदू धर्म में दक्षिण दिशा को पितरों से जुड़ी दिशा माना गया है, इसलिए तर्पण के समय इस दिशा में मुंह कर के जल अर्पित किया जाता है। तर्पण हमेशा साफ कपड़े पहनकर श्रद्धा से करना चाहिए।
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दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पितरों का स्मरण करते हुए श्रद्धा से पूर्वजों को जल अर्पित करें। ध्यान रखें कि जहां जल चढ़ा रहे हैं वो जगह साफ-सुथरा और स्वच्छ हो। एक लोटे में साफ जल लेकर उसमें दूध, जौ, चावल और गंगा जल मिलाकर तर्पण कार्य करना चाहिए।