हेपेटाइटिस बी और सी खतरनाक है। ये पीलिया लंबे समय तक रह सकता है और मरीज क्रोनिक हेपेटाइटिस की स्थिति में जा सकता है। ऐसी स्थिति में लिवर फेल्योर भी हो सकता है। इसलिए लोगों में जागरुकता लाने के लिए हर साल 28 जुलाई को वर्ल्ड हेपेटाइटिस डे (world hepatitis day 2026) मनाया जाता है।
Published : Jul 28, 2026 07:03 am IST, Updated : Jul 28, 2026 07:04 am IST
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हेपेटाइटिस एक गंभीर बीमारी है जो लिवर को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। हेपेटाइटिस को हिंदी में पीलिया कहते हैं। हेपेटाइटिस कई तरह का होता है जैसे हेपेटाइटिस ए, ई, बी और सी, लेकिन इसमें सबसे ज्यादा खतरनाक हेपेटाइटिस बी और सी को माना जाता है। हेपेटाइटिस बी लंबे समय में लिवर फेल भी कर सकता है। इसके लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
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हेपेटाइटिस बी के लक्षण एक साथ नजर आएं ऐसा जरूरी नहीं है। कई बार छोटे बच्चों में खासतौर से पांच साल से कम उम्र के बच्चों में संक्रमण के लक्षण दिखना असामान्य है। लेकिन फिर भी त्वचा का पीला होना। खासतौर से आपके शरीर के सफेद हिस्सों का रंग पीला पड़ने लगता है। जैसे आंख की पुतली का सफेद हिस्सा पीला हो सकता है और नाखूनों का रंग भी पीला पड़ने लगता है।
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पीलिया तब होता है जब आपके पेशाब का रंग भूरा या नारंगी हो जाता है। हल्के रंग का मल आने लगता है। इसके साथ ही संक्रमण होने पर बहुत थकान और कमजोरी महसूस होती रहती है। मरीज को बुखार भी आने लगता है।
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लंबे समय तक चलने वाली थकान जो हफ्तों या महीनों तक रहती है, वो पीलिया यानि हेपेटाइटिस बी के लक्षण हो सकते हैं। इसमें मरीज को कब्ज, जिसमें भूख न लगना, मतली और उल्टी आने जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं।
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हेपेटाइटिस बी से पीड़ित को पेट दर्द, जोड़ों में दर्द हो सकता है। वायरस से संक्रमित होने के बाद, एक से छह महीने तक लक्षण दिखाई नहीं दे सकते। आपको कुछ भी महसूस नहीं हो सकता है। इस बीमारी से पीड़ित एक तिहाई लोग नेगेटिव होते हैं। आपको सिर्फ ब्लड टेस्ट से ही इसका पता लग सकता है।