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मानसून में स्कैल्प फंगल इंफेक्शन का बढ़ा खतरा, इन आसान तरीकों से करें अपने बालों और स्कैल्प का बचाव

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Jun 03, 2025 02:57 pm IST,  Updated : Jun 03, 2025 03:04 pm IST
मानसून का मौसम जहां एक ओर ठंडक और ताज़गी लाता है, वहीं दूसरी ओर यह बालों और त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं भी साथ लाता है। नमी और पसीने के कारण इस मौसम में स्कैल्प फंगल इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। लगातार गीले या चिपचिपे बाल, गंदगी और खराब हाइजीन फंगल संक्रमण के का माहौल बनाते हैं। स्कैल्प इंफेक्शन की वजह से खुजली, लालपन, रूसी, बाल झड़ना और बदबू जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि हम अपने बालों की देखभाल सही ढंग से करें। तो चलिए, जानते हैं मानसून में स्कैल्प का बचाव कैसे करें?
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मानसून का मौसम जहां एक ओर ठंडक और ताज़गी लाता है, वहीं दूसरी ओर यह बालों और त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं भी साथ लाता है। नमी और पसीने के कारण इस मौसम में स्कैल्प फंगल इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। लगातार गीले या चिपचिपे बाल, गंदगी और खराब हाइजीन फंगल संक्रमण के का माहौल बनाते हैं। स्कैल्प इंफेक्शन की वजह से खुजली, लालपन, रूसी, बाल झड़ना और बदबू जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में ज़रूरी है कि हम अपने बालों की देखभाल सही ढंग से करें। तो चलिए, जानते हैं मानसून में स्कैल्प का बचाव कैसे करें?
नियमित शैंपू करें: मानसून में बालों को हफ्ते में कम से कम 2-3 बार माइल्ड एंटी-फंगल शैंपू से धोएं। बालों में पसीना और गंदगी जमा न होने दें। बारिश के पानी और पसीने से बालों में फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए एंटी-फंगल शैंपू का इस्तेमाल करना चाहिए, जो फंगल वृद्धि को रोकने में मदद करता है।
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नियमित शैंपू करें: मानसून में बालों को हफ्ते में कम से कम 2-3 बार माइल्ड एंटी-फंगल शैंपू से धोएं। बालों में पसीना और गंदगी जमा न होने दें। बारिश के पानी और पसीने से बालों में फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए एंटी-फंगल शैंपू का इस्तेमाल करना चाहिए, जो फंगल वृद्धि को रोकने में मदद करता है।
बालों को गीला न रहने दें: गीले बालों को जल्द से जल्द सुखाएं। देर तक गीले बाल रखने से फंगल बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। नमी बालों के रोमछिद्रों में जमा होती है और बैक्टीरिया को प्रजनन का मौका देती है, जिससे सिर की त्वचा पर संक्रमण हो सकता है।
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बालों को गीला न रहने दें: गीले बालों को जल्द से जल्द सुखाएं। देर तक गीले बाल रखने से फंगल बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। नमी बालों के रोमछिद्रों में जमा होती है और बैक्टीरिया को प्रजनन का मौका देती है, जिससे सिर की त्वचा पर संक्रमण हो सकता है।
हेयर प्रोडक्ट्स का सीमित इस्तेमाल करें: जेल, स्प्रे या हेयर क्रीम जैसी चीज़ों का ज्यादा इस्तेमाल फंगल इंफेक्शन को बढ़ा सकता है इसलिए इनसे दूरी बनाएं। फंगल इंफेक्शन संक्रामक हो सकता है, इसलिए अपने हेयर टूल्स किसी के साथ शेयर भी न करें।
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हेयर प्रोडक्ट्स का सीमित इस्तेमाल करें: जेल, स्प्रे या हेयर क्रीम जैसी चीज़ों का ज्यादा इस्तेमाल फंगल इंफेक्शन को बढ़ा सकता है इसलिए इनसे दूरी बनाएं। फंगल इंफेक्शन संक्रामक हो सकता है, इसलिए अपने हेयर टूल्स किसी के साथ शेयर भी न करें।
सिर की सफाई पर ध्यान दें: सिर्फ बाल ही नहीं, स्कैल्प की सफाई भी ज़रूरी है। हल्के हाथों से मसाज करते हुए स्कैल्प को साफ करें ताकि डेड स्किन और तेल जमा न हो। नीम का पानी, एलोवेरा जेल या टी ट्री ऑयल में एंटी-फंगल गुण होते हैं। हफ्ते में एक बार इनसे स्कैल्प की सफाई करें।
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सिर की सफाई पर ध्यान दें: सिर्फ बाल ही नहीं, स्कैल्प की सफाई भी ज़रूरी है। हल्के हाथों से मसाज करते हुए स्कैल्प को साफ करें ताकि डेड स्किन और तेल जमा न हो। नीम का पानी, एलोवेरा जेल या टी ट्री ऑयल में एंटी-फंगल गुण होते हैं। हफ्ते में एक बार इनसे स्कैल्प की सफाई करें।
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