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भूकंप आने से पहले ही कैसे जान जाते हैं हाथी? जानें हाथियों के बारे में 5 दिलचस्प बातें

Published : Dec 10, 2025 11:43 pm IST,  Updated : Dec 10, 2025 11:43 pm IST
हाथियों के बारे में इंसानों की दिलचस्पी सभ्यता की शुरुआत से ही रही है। लेकिन यह भी एक हकीकत है कि हम इनके बारे में जितना जानते हैं, उससे कहीं ज्यादा बातें हममें से कइयों को पता नहीं हैं। आज हम आपको हाथियों के बारे में 5 ऐसी ही दिलचस्प और कम जानी-पहचानी बातों के बारे में बता रहे हैं:
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हाथियों के बारे में इंसानों की दिलचस्पी सभ्यता की शुरुआत से ही रही है। लेकिन यह भी एक हकीकत है कि हम इनके बारे में जितना जानते हैं, उससे कहीं ज्यादा बातें हममें से कइयों को पता नहीं हैं। आज हम आपको हाथियों के बारे में 5 ऐसी ही दिलचस्प और कम जानी-पहचानी बातों के बारे में बता रहे हैं:
1: जिस तरह इंसान अपने दाहिने या बाएं हाथ का इस्तेमाल दूसरे हाथ से ज्यादा करते हैं, उसी तरह हाथी भी अपने किसी एक दांत का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं। यानी कि हाथी 'right-tusked' या 'left-tusked' होते हैं। वे अपने जिस दांत से ज्यादा काम करते हैं, वह छोटा और घिसा हुआ होता है।
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1: जिस तरह इंसान अपने दाहिने या बाएं हाथ का इस्तेमाल दूसरे हाथ से ज्यादा करते हैं, उसी तरह हाथी भी अपने किसी एक दांत का इस्तेमाल ज्यादा करते हैं। यानी कि हाथी 'right-tusked' या 'left-tusked' होते हैं। वे अपने जिस दांत से ज्यादा काम करते हैं, वह छोटा और घिसा हुआ होता है।
2: हाथी 30-40 किलोमीटर दूर से आते हुए दूसरे हाथियों के पैरों की थपथपाहट और कम फ्रीक्वेंसी वाली आवाजें यानी कि इंफ्रासाउंड महसूस कर लेते हैं। उनके पैरों और सूंड के नीचे की त्वचा में पैकिनियन कॉर्पसकल नाम के सेंसर होते हैं जो जमीन की कंपन को पकड़ते हैं। इसीलिए तूफान या भूकंप आने से कई घंटे पहले ही हाथी बेचैन होकर सुरक्षित जगह चले जाते हैं।
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2: हाथी 30-40 किलोमीटर दूर से आते हुए दूसरे हाथियों के पैरों की थपथपाहट और कम फ्रीक्वेंसी वाली आवाजें यानी कि इंफ्रासाउंड महसूस कर लेते हैं। उनके पैरों और सूंड के नीचे की त्वचा में पैकिनियन कॉर्पसकल नाम के सेंसर होते हैं जो जमीन की कंपन को पकड़ते हैं। इसीलिए तूफान या भूकंप आने से कई घंटे पहले ही हाथी बेचैन होकर सुरक्षित जगह चले जाते हैं।
3: दुनिया में कुछ ही प्रजातियां हैं जो आईने में खुद को पहचान सकती हैं और हाथी उनमें से एक है। 2006 में Happy नाम की एक एशियाई हथिनी ने आईने में अपने माथे पर लगे निशान को सूंड से छूकर साबित किया कि वह खुद को पहचानती है।
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3: दुनिया में कुछ ही प्रजातियां हैं जो आईने में खुद को पहचान सकती हैं और हाथी उनमें से एक है। 2006 में Happy नाम की एक एशियाई हथिनी ने आईने में अपने माथे पर लगे निशान को सूंड से छूकर साबित किया कि वह खुद को पहचानती है।
4: किसी भी स्थलीय स्तनधारी में सबसे लंबा गर्भकाल हाथी का होता है, औसतन 95 हफ्ते या करीब 22 महीने। हाथी का बच्चा पैदा होने पर औसतन 100 किलो का और 1 मीटर लंबा होता है। हाथी के बच्चे पैदा होते ही झुंड के साथ दौड़ना और खतरे पहचानना सीख जाते हैं।
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4: किसी भी स्थलीय स्तनधारी में सबसे लंबा गर्भकाल हाथी का होता है, औसतन 95 हफ्ते या करीब 22 महीने। हाथी का बच्चा पैदा होने पर औसतन 100 किलो का और 1 मीटर लंबा होता है। हाथी के बच्चे पैदा होते ही झुंड के साथ दौड़ना और खतरे पहचानना सीख जाते हैं।
5: हाथी नींद में चलते हैं या खड़े-खड़े हल्की झपकी लेते हैं। जंगली हाथी शिकारियों से बचने के लिए कम सोते हैं और खड़े होकर ही झपकी लेते हैं। जंगली हाथी किसी भी अन्य स्तनपायी की तुलना में सबसे कम सोते हैं, औसतन केवल 2 घंटे प्रति रात, और कभी-कभी 46 घंटे तक जागते रहते हैं।
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5: हाथी नींद में चलते हैं या खड़े-खड़े हल्की झपकी लेते हैं। जंगली हाथी शिकारियों से बचने के लिए कम सोते हैं और खड़े होकर ही झपकी लेते हैं। जंगली हाथी किसी भी अन्य स्तनपायी की तुलना में सबसे कम सोते हैं, औसतन केवल 2 घंटे प्रति रात, और कभी-कभी 46 घंटे तक जागते रहते हैं।
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