मुगल शहजादियों को हरम में उठा ले गया था ये बौद्ध राजा, औरंगजेब के भाई को तड़पाकर मारा था
मुगल शहजादियों को हरम में उठा ले गया था ये बौद्ध राजा, औरंगजेब के भाई को तड़पाकर मारा था
एक बौद्ध राजा ऐसा भी था जिसने न सिर्फ मुगल शहजादियों को अपने हरम में रखा, बल्कि औरंगजेब के भाई और भतीजों को भी तड़पाकर मारा था। म्यांमार के उस राजा का नाम था सांडा थुडम्मा।
Published : Aug 22, 2025 07:40 pm IST, Updated : Aug 22, 2025 07:40 pm IST
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मुगल बादशाह औरंगजेब की क्रूरता के किस्से इतिहास में मशहूर हैं। उसने सत्ता हासिल करने के लिए अपने भाइयों को बेरहमी से कत्ल किया और उसकी ज्यादतियों की वजह से उसके बड़े बेटे की भी जान गई। लेकिन आज हम बात करेंगे औरंगजेब के उस भाई की, जो उसके खूनी इरादों से बच निकला था।
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औरंगजेब के उस भाई का नाम था मिर्जा शाह शुजा। शाह शुजा, मुगल बादशाह शाहजहां का बेटा और औरंगजेब का भाई था। वह बंगाल और ओडिशा का सूबेदार रह चुका था और एक कुशल प्रशासक माना जाता था। जब औरंगजेब ने सत्ता के लिए अपने भाइयों के खिलाफ जंग छेड़ी, तो शुजा ने उसका मुकाबला करने की कोशिश की। 1659 में खजवा की जंग में औरंगजेब ने शुजा को हरा दिया, जिसके बाद वह अपनी जान बचाकर भागने पर मजबूर हो गया।
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शुजा बंगाल के रास्ते म्यांमार के अराकान राज्य पहुंचा। अपने साथ वह करीब 200 सैनिक, अपनी बेगमों, बेटियों और कुछ विश्वसनीय लोगों को ले गया था। इतिहासकारों के मुताबिक, शुजा अपने साथ भारी मात्रा में धन-संपत्ति और कीमती सामान भी ले गया था, जिसमें सोना, जवाहरात और अन्य खजाने शामिल थे।
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अराकान के राजा सांडा थुडम्मा के साथ शुजा ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया। उसने राजा से वादा किया कि अगर उसे मक्का जाने के लिए जहाज मुहैया करवाया जाए, तो वह बदले में ढेर सारी दौलत देगा। लेकिन सांडा थुडम्मा ने न तो जहाज दिया और न ही शुजा को सुरक्षित रास्ता। कई महीनों तक इंतजार के बाद, शुजा ने राजा के खिलाफ बगावत की योजना बनाई।
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शुजा ने अपने सैनिकों के साथ मिलकर सांडा थुडम्मा का तख्तापलट करने की कोशिश की, लेकिन यह योजना नाकाम रही। गुस्साए राजा ने शुजा को हराकर उसकी हत्या कर दी। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि यह घटना 1660 या 1661 में हुई।
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अराकान के राजा ने शुजा के बेटों को अपने दरबार में नौकर बनाया और मुगल शहजादियों को अपने हरम में शामिल कर लिया। बाद में, विद्रोह की आशंका से डरकर, राजा ने शुजा के बेटों और अन्य पुरुष रिश्तेदारों को मार डाला। मुगल शहजादियों के साथ भी क्रूर व्यवहार किया गया। कहा जाता है कि उन्हें भूखा रखा गया और तड़पाकर मार दिया गया।