इस जन्माष्टमी ब्रह्म मुहूर्त में करें भगवान कृष्ण के इन 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप, हर दुख का हो जाएगा नाश
इस जन्माष्टमी ब्रह्म मुहूर्त में करें भगवान कृष्ण के इन 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप, हर दुख का हो जाएगा नाश
जन्माष्टमी का पावन पर्व इस साल 16 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान कृष्ण की विशेष कृपा पाना चाहते हैं तो उनके इन 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप ब्रह्म मुहूर्त में अवश्य करें।
Published : Aug 12, 2025 12:37 pm IST, Updated : Aug 13, 2025 06:17 am IST
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16 अगस्त को जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जाएगा। कहते हैं इस शुभ दिन पर जो कोई भगवान कृष्ण के इन 5 शक्तिशाली मंत्रों का जाप करता है उसके जीवन के समस्त दुखों का नाश हो जाता है। इन मंत्रों को जपने के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सबसे शुभ माना गया है। 16 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:24 से 05:07 बजे तक रहेगा। चलिए जानते हैं ये कौन से मंत्र हैं।
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'ॐ कृष्णाय नमः' कहते हैं इस मंत्र के जाप से सभी तरह की आंतरिक चिंताओं से छुटकारा मिल जाता है। इस मंत्र का अर्थ है हे श्री कृष्ण, मेरा नमन स्वीकार करो।
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'हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे||' इस मंत्र का अर्थ है- श्री कृष्ण और भगवान राम को प्रणाम। वे दो शरीर हैं लेकिन श्री हरि विष्णु के अवतार होने के कारण दोनों एक ही हैं। यह मंत्र आपकी आत्मा और भगवान कृष्ण के बीच एक संबंध स्थापित करने में मदद करता है। इस मंत्र के जाप से मानसिक शांति मिलती है।
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'ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण: प्रचोदयात्।' ये कृष्ण गायत्री मंत्र है। कहते हैं इसके जाप से भगवान कृष्ण की कृपा शीघ्र ही प्राप्त हो जाती है। ये मंत्र सारे दुखों का नाश कर देता है।
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'ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः' भक्त इस मंत्र के जरिए भगवान श्री कृष्ण का आह्वान करते हैं। यह मंत्र शांति प्रदान करता है और दुखों को दूर करता है। साथ ही कार्यों में सफलता दिलाता है।
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“हे कृष्ण द्वारकावासिन् क्वासि यादवनन्दन । आपद्भिः परिभूतां मां त्रायस्वाशु जनार्दन” कहते हैं इस मंत्र का जाप करने से बड़ी से बड़ी परेशानी का अंत हो जाता है।