Published : Aug 26, 2026 11:23 pm IST, Updated : Aug 27, 2026 11:49 pm IST
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28 अगस्त 2026, रक्षाबंधन के दिन इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस चंद्र ग्रहण का स्पर्श काल भारतीय समय अनुसार, शुक्रवार को सुबह 8 बजकर 4 मिनट पर शुरू होगा और सुबह 11 बजकर 22 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। इस चंद्र ग्रहण का कुल पर्वकाल 3 घंटे 26 मिनट का होगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है।
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साल 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण अर्कटिका, एशिया, अफ्रीका, यूरोप, हिंद महासागर, अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर में नजर आएगा। चंद्रास्त के समय ग्रहण का
आरंभ यूक्रेन, तुर्की, सउदी अरब, यमन, मेडागास्कर, रुस के पश्चिमी भाग में, हिंद महासागर और अफ्रीका के पूर्वी भाग में दिखेगा। चंद्रोदय के समय ग्रहण का
मोक्ष अलास्का, यूजीलैण्ड और प्रशान्त महासागर में दिखाई देगा।
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हिंदू धर्म में ग्रहण को अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इसके अलावा खाना पीना और पूजा पाठ भी वर्जित होता है। चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रदेव के मंत्रों का जाप और देवी-देवताओं का स्मरण करना चाहिए।
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आपको बता दें कि रक्षाबंधन पर लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। तो ऐसे में रक्षाबंधन के त्यौहार पर भी चंद्र ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।