Published : Jan 21, 2026 05:12 pm IST, Updated : Jan 21, 2026 05:25 pm IST
1/7Image Source : Pexels
छींक को लेकर हमारे समाज में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। कहीं जाते समय छींक आ जाए तो लोग रुकने की सलाह देते हैं, तो कहीं इसे अनहोनी से जोड़ दिया जाता है। हालांकि, विज्ञान इसे शरीर की सामान्य प्रक्रिया मानता है, लेकिन शकुन शास्त्र में छींक को भविष्य के संकेतों से जोड़ा गया है। दिलचस्प बात यह है कि हर छींक अशुभ नहीं होती, बल्कि सही समय और परिस्थिति में आई छींक शुभ फल भी दे सकती है।
2/7Image Source : Pexels
छींक हमेशा अशुभ नहीं होती। शकुन शास्त्र के अनुसार छींक का समय, दिशा, संख्या और परिस्थिति यह तय करती है कि वह शुभ है या अशुभ। कहीं यह बाधा का संकेत देती है, तो कहीं सफलता, धन लाभ और स्वास्थ्य का। इसलिए हर छींक को नकारात्मक मानने के बजाय उसके संदर्भ को समझना जरूरी है। जानिए छींक से जुड़े शुभ-अशुभ संकेत और उनसे जुड़ी मान्यताएं।
3/7Image Source : Pexels
शकुन शास्त्र मानता है कि छींक केवल शारीरिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि आने वाली घटनाओं का संकेत भी हो सकती है। अगर घर से निकलते समय सामने कोई छींक दे, तो इसे कार्य में बाधा या असफलता का संकेत माना जाता है। ऐसे समय कुछ देर रुककर पानी पीना शुभ माना गया है।
4/7Image Source : Pexels
शकुन शास्त्र के अनुसार स्नान करते समय छींक आना शुभ होता है। यह किसी अच्छी खबर, लाभ या सकारात्मक बदलाव का संकेत देता है। ऐसे में व्यक्ति को प्रसन्न रहने की सलाह दी जाती है। वहीं, दूध उबालते समय महिला को छींक आना परिवार में किसी सदस्य की सेहत बिगड़ने की चेतावनी माना जाता है।
5/7Image Source : Pexels
मांगलिक कार्य के लिए निकलते समय गाय का छींकना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह सफलता और अचानक धन लाभ का संकेत देता है। दवा लेते समय छींक आना शीघ्र स्वास्थ्य लाभ का सूचक है। वहीं, बाईं ओर या पीठ के पीछे से छींक सुनाई देना भी मंगलकारी माना गया है।
6/7Image Source : Freepik
बाजार में किसी वस्तु को खरीदते समय छींक आना भविष्य में उस वस्तु से सुख और लाभ मिलने का संकेत देता है। इसे सकारात्मक शकुन माना जाता है। बहस के दौरान छींक आना विवाद बढ़ने का संकेत माना जाता है। वहीं, यात्रा के समय छींक आना अशुभ समझा जाता है और थोड़ी देर रुकने या यात्रा टालने की सलाह दी जाती है।
7/7Image Source : Pexels
शकुन शास्त्र में छींक की संख्या भी महत्वपूर्ण है। सम संख्या में छींक आना जैसे 2, 4 या फिर 6 बार अच्छा माना जाता है, इससे पहली छींक के अशुभ प्रभाव समाप्त कर देता है और शुभ फल देता है।