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PHOTOS: पति का तख्ता पलट कर महारानी बन गई थी ये महिला, 34 साल किया राज

Published : Jul 09, 2025 12:44 pm IST,  Updated : Jul 09, 2025 12:46 pm IST
कैथरीन द ग्रेट रूस की सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली शासकों में से एक के तौर पर जानी जाती हैं। उनके शासन में रूसी साम्राज्य नई ऊंचाइयों तक पहुंचा था। जर्मनी में जन्मी एक साधारण राजकुमारी से रूस की महारानी बनने तक का उनका सफर तमाम उतार-चढ़ाव से भरा है। आज हम बताएंगे कि कैसे कैथरीन ने अपने पति के खिलाफ तख्तापलट कर सत्ता हासिल की और 34 साल तक रूस पर शासन किया।
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कैथरीन द ग्रेट रूस की सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली शासकों में से एक के तौर पर जानी जाती हैं। उनके शासन में रूसी साम्राज्य नई ऊंचाइयों तक पहुंचा था। जर्मनी में जन्मी एक साधारण राजकुमारी से रूस की महारानी बनने तक का उनका सफर तमाम उतार-चढ़ाव से भरा है। आज हम बताएंगे कि कैसे कैथरीन ने अपने पति के खिलाफ तख्तापलट कर सत्ता हासिल की और 34 साल तक रूस पर शासन किया।
कैथरीन का जन्म 2 मई 1729 को प्रशिया (आज का जर्मनी) के स्टेटिन (अब पोलैंड का क्षेत्र) में सोफिया ऑगस्टा फ्रेडेरिका के रूप में हुआ था। उनके पिता क्रिश्चियन ऑगस्ट एक छोटी-सी जर्मन रियासत के राजकुमार थे और मां जोहाना एलिजाबेथ एक महत्वाकांक्षी महिला थीं। सोफिया का बचपन साधारण था, लेकिन उनकी मां ने उन्हें उच्च शिक्षा और शिष्टाचार सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
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कैथरीन का जन्म 2 मई 1729 को प्रशिया (आज का जर्मनी) के स्टेटिन (अब पोलैंड का क्षेत्र) में सोफिया ऑगस्टा फ्रेडेरिका के रूप में हुआ था। उनके पिता क्रिश्चियन ऑगस्ट एक छोटी-सी जर्मन रियासत के राजकुमार थे और मां जोहाना एलिजाबेथ एक महत्वाकांक्षी महिला थीं। सोफिया का बचपन साधारण था, लेकिन उनकी मां ने उन्हें उच्च शिक्षा और शिष्टाचार सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
1744 में रूस की महारानी एलिजाबेथ पेत्रोव्ना ने सोफिया को अपने भतीजे और रूसी सिंहासन के उत्तराधिकारी पीटर उलरिच, जिन्हें बाद में पीटर III के नाम से जाना गया, से शादी के लिए चुना। 15 साल की उम्र में सोफिया रूस पहुंचीं। उन्होंने रूसी भाषा, संस्कृति और ऑर्थोडॉक्स ईसाई धर्म को अपनाया और अपना नाम बदलकर कैथरीन एलेक्सेयेवना रखा।
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1744 में रूस की महारानी एलिजाबेथ पेत्रोव्ना ने सोफिया को अपने भतीजे और रूसी सिंहासन के उत्तराधिकारी पीटर उलरिच, जिन्हें बाद में पीटर III के नाम से जाना गया, से शादी के लिए चुना। 15 साल की उम्र में सोफिया रूस पहुंचीं। उन्होंने रूसी भाषा, संस्कृति और ऑर्थोडॉक्स ईसाई धर्म को अपनाया और अपना नाम बदलकर कैथरीन एलेक्सेयेवना रखा।
1745 में कैथरीन की शादी पीटर उलरिच से हुई, लेकिन यह रिश्ता शुरू से ही तनावपूर्ण था। पीटर बचकाना व्यवहार करते थे वह राजपाट में उनका मन नहीं लगता था। यही वजह है कि रूसी दरबार और सेना में उनकी लोकप्रियता कम थी। दूसरी ओर कैथरीन ने रूसी संस्कृति को आत्मसात किया और दरबार में समर्थन हासिल किया। उनकी बुद्धिमत्ता, आकर्षण और राजनीतिक समझ ने उन्हें पीटर से कहीं अधिक लोकप्रिय बना दिया। दोनों का वैवाहिक जीवन भी सही नहीं चल रहा था।
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1745 में कैथरीन की शादी पीटर उलरिच से हुई, लेकिन यह रिश्ता शुरू से ही तनावपूर्ण था। पीटर बचकाना व्यवहार करते थे वह राजपाट में उनका मन नहीं लगता था। यही वजह है कि रूसी दरबार और सेना में उनकी लोकप्रियता कम थी। दूसरी ओर कैथरीन ने रूसी संस्कृति को आत्मसात किया और दरबार में समर्थन हासिल किया। उनकी बुद्धिमत्ता, आकर्षण और राजनीतिक समझ ने उन्हें पीटर से कहीं अधिक लोकप्रिय बना दिया। दोनों का वैवाहिक जीवन भी सही नहीं चल रहा था।
1762 में महारानी एलिजाबेथ की मृत्यु के बाद पीटर III रूस के सम्राट बने। उनका शासन 6 महीने से भी कम समय तक चला। पीटर ने कई अलोकप्रिय फैसले लिए जिससे रूसी सेना और अभिजात वर्ग नाराज हो गए। उनकी नीतियों और व्यवहार ने उन्हें कमजोर शासक साबित किया। कैथरीन ने इस अवसर का फायदा उठाया। उन्होंने रूसी सेना प्रभावशाली दरबारियों का समर्थन हासिल करके तख्तापलट कर दिया। उनके प्रेमी ग्रिगोरी ओरलोव और उनके भाइयों ने इस तख्तापलट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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1762 में महारानी एलिजाबेथ की मृत्यु के बाद पीटर III रूस के सम्राट बने। उनका शासन 6 महीने से भी कम समय तक चला। पीटर ने कई अलोकप्रिय फैसले लिए जिससे रूसी सेना और अभिजात वर्ग नाराज हो गए। उनकी नीतियों और व्यवहार ने उन्हें कमजोर शासक साबित किया। कैथरीन ने इस अवसर का फायदा उठाया। उन्होंने रूसी सेना प्रभावशाली दरबारियों का समर्थन हासिल करके तख्तापलट कर दिया। उनके प्रेमी ग्रिगोरी ओरलोव और उनके भाइयों ने इस तख्तापलट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
28 जून 1762 को, कैथरीन ने सेंट पीटर्सबर्ग में एक सैन्य विद्रोह का नेतृत्व किया। पीटर III को गिरफ्तार कर लिया गया और कैथरीन ने खुद को रूस की महारानी घोषित कर दिया। कुछ ही दिनों बाद पीटर की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई, जिसके लिए कई लोग कैथरीन को जिम्मेदार मानते हैं, हालांकि इसका कोई ठोस सबूत नहीं है। कैथरीन का 34 साल का शासन (1762-1796) रूस के इतिहास में स्वर्ण युग के रूप में जाना जाता है।
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28 जून 1762 को, कैथरीन ने सेंट पीटर्सबर्ग में एक सैन्य विद्रोह का नेतृत्व किया। पीटर III को गिरफ्तार कर लिया गया और कैथरीन ने खुद को रूस की महारानी घोषित कर दिया। कुछ ही दिनों बाद पीटर की रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई, जिसके लिए कई लोग कैथरीन को जिम्मेदार मानते हैं, हालांकि इसका कोई ठोस सबूत नहीं है। कैथरीन का 34 साल का शासन (1762-1796) रूस के इतिहास में स्वर्ण युग के रूप में जाना जाता है।
कैथरीन का निजी जीवन विवादों से भरा रहा। उनके कई प्रेमी थे, जिनमें ग्रिगोरी ओरलोव और ग्रिगोरी पोटेमकिन प्रमुख थे। पोटेमकिन न केवल उनके प्रेमी थे, बल्कि उनके सबसे भरोसेमंद सलाहकार भी बने। उनके निजी जीवन को लेकर अफवाहें और अतिशयोक्ति भी प्रचलित थीं, लेकिन इतिहासकार मानते हैं कि ये उनके विरोधियों द्वारा फैलाई गईं। 17 नवंबर 1796 को कैथरीन की मृत्यु सेंट पीटर्सबर्ग में एक स्ट्रोक से हुई।
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कैथरीन का निजी जीवन विवादों से भरा रहा। उनके कई प्रेमी थे, जिनमें ग्रिगोरी ओरलोव और ग्रिगोरी पोटेमकिन प्रमुख थे। पोटेमकिन न केवल उनके प्रेमी थे, बल्कि उनके सबसे भरोसेमंद सलाहकार भी बने। उनके निजी जीवन को लेकर अफवाहें और अतिशयोक्ति भी प्रचलित थीं, लेकिन इतिहासकार मानते हैं कि ये उनके विरोधियों द्वारा फैलाई गईं। 17 नवंबर 1796 को कैथरीन की मृत्यु सेंट पीटर्सबर्ग में एक स्ट्रोक से हुई।
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