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वेंटिलेटर पर कोरोना पॉजिटिव युवक, हॉस्पिटल ने लिया मरीज का स्पर्म, पत्नी ने की थी प्रेम निशानी की मांग

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 22, 2021 09:26 am IST,  Updated : Jul 22, 2021 09:26 am IST

गुजरात हाईकोर्ट ने मरीज का स्पर्म एकत्रित किए जाने से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के बाद अस्पताल को ऐसा करने का निर्देश दिया। यह याचिका मरीज की पत्नी ने अदालत में दायर की थी।

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वेंटिलेटर पर कोरोना पॉजिटिव युवक, हॉस्पिटल ने लिया मरीज का स्पर्म, पत्नी ने की थी प्रेम निशानी की मांग Image Source : REPRESENTATIONAL IMAGE

वडोदरा: गुजरात हाईकोर्ट के सामने एक बड़ा भावुक मामला सामने आया है। एक पत्नी कोरोना से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ने वाले अपने पति के बच्चे की मां बनना चाहती है और इसके लिए उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने मरीज का स्पर्म एकत्रित किए जाने से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई के बाद अस्पताल को ऐसा करने का निर्देश दिया। यह याचिका मरीज की पत्नी ने अदालत में दायर की थी। वडोदरा स्थित एक अस्पताल ने बुधवार को बताया कि उसने कोविड-19 से पीड़ित एक मरीज का स्पर्म सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। यह मरीज लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं और उनके बचने की संभावना कम ही है। Sterling Hospitals में भर्ती मरीज को लेकर अस्पताल के क्षेत्रिय निदेशक अनिल नाम्बियार ने मीडिया को बताया कि कोर्ट का आदेश मिलने के तुरंत बाद मंगलवार की रात चिकित्सकों की एक टीम ने सफलतापूर्वक मरीज के स्पर्म के नमूने को एकत्र कर लिया है।

नाम्बियार ने बताया कि मरीज का परिवार चाहता था कि मरीज के स्पर्म का नमूना लिया जाए लेकिन इसके लिए मरीज का होश में आना जरुरी था। लेकिन अभी वो अस्पताल के बिस्तर पर होश में नहीं है लिहाजा हम इस काम को सिर्फ अदालत के आदेश के बाद ही अंजाम दे सकते थे। इस पूरी प्रक्रिया में ज्यादा से ज्यादा आधे घंटे का वक्त लगता है। अदालत के आदेश के बाद हमने नमूने एकत्र कर लिये है और उसे सुरक्षित कर लिया है। अदालती आदेश मिलने के बाद आईवीएफ की प्रक्रिया आगे की जाएगी।

इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने वडोदरा स्थित अस्पताल को कोरोना वायरस से गंभीर रूप से संक्रमित एक व्यक्ति के नमूने 'आईवीएफ/असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) प्रक्रिया के लिए एकत्र करने का निर्देश दिया था। जानकारी के मुताबिक मरीज की जान बचने की उम्मीद बेहद कम है और उसकी पत्नी उसके बच्चे की मां बनना चाहती थी और उन्होंने ही प्रेम निशानी की मांग की थी। कोर्ट ने इसे एक असाधारण स्थिति मानते हुए मंगलवार को मामले में आदेश सुनाया था। मरीज की पत्नी की याचिका पर तत्काल सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति जे. शास्त्री ने वडोदरा के एक अस्पताल को 'आईवीएफ/असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) प्रक्रिया के लिए मरीज के नमूने एकत्र करने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार इसे उचित स्थान पर रखने का निर्देश दिया था।

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