गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी 6 नवम्बर को कच्छ जिले के लखपत तालुका के विभिन्न गांवों का दौरा करेंगेष। वह सीमावर्ती क्षेत्रों की सर्वांगीण समीक्षा कर ग्रामजनों से संवाद करेंगे और खाटला सभा का आयोजन करेंगे। इस दौरान गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी सुविधाएं, स्वच्छता, सुरक्षा और सुरक्षात्मक उपायों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों की गहन समीक्षा की जाएगी।
क्या है यात्रा का मकसद?
उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी गांव के पारंपरिक "भूंगा" घर में रात्रि विश्राम करेंगे। इस दौरान अधिकारियों को भी होटल या सर्किट हाउस के बजाय गांव में ही ठहरने का निर्देश दिया गया है। उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में 30 वरिष्ठ IPS अधिकारियों की टीम भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे विभिन्न गांवों का दौरा करने जा रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों की सर्वग्राही समीक्षा करना और ग्रामजनों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है।
क्या होगा पूरा शेड्यूल?
उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी 6 नवम्बर की सुबह भुज सर्किट हाउस पहुंचेंगे, जहां से इस विशेष कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत होगी। इस दौरान सीमावर्ती गांवों के सरपंचों और ग्रामजनों के साथ मुलाकात, रात्रि खाटला सभा और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। टीम विशेष रूप से गांवों की महिलाओं और युवाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और चुनौतियों को नजदीक से समझने का प्रयास करेगी।
गांवों की स्थिति की गहराई से समीक्षा होगी?
इस दौरे का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों की स्थिति की गहराई से समीक्षा करना है- जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, बुनियादी ढांचा, स्वच्छता, सुरक्षा और सामुदायिक विकास जैसे प्रमुख मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सरहद की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों पर भी विशेष बैठक रखी गई है, जिसमें BSF अधिकारियों के साथ एंटी-नेशनल गतिविधियों और बॉर्डर पेट्रोलिंग ऑपरेशन्स पर चर्चा होगी। साथ ही, BSF जवानों से भी संवाद किया जाएगा ताकि सीमा की सुरक्षा की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
पारंपरिक भूंगा घर में रात्रि विश्राम करेंगे हर्ष संघवी
इस यात्रा का सबसे उल्लेखनीय पहलू यह है कि उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी स्वयं गांव के पारंपरिक भूंगा घर में रात्रि विश्राम करेंगे। उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि वे सर्किट हाउस या होटल में न ठहरें, बल्कि गांव में ही स्थानीय निवास व्यवस्था में रहें। इस निर्णय के पीछे का उद्देश्य है- गांव की संस्कृति, जीवनशैली और ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं को नजदीक से अनुभव कर, उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाना।
ये भी पढ़ें- बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों के लिए जल्द जारी किया जाएगा राहत पैकेज, सीएम भूपेंद्र पटेल ने किया वादा
सरदार पटेल की 150वीं जयंती आज, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर भव्य आयोजन, PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि