हरियाणा में कांग्रेस पार्टी को मेयर चुनाव के लिए उम्मीदवार खोजने में भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। सूत्रों के अनुसार सोनीपत से कांग्रेस पार्टी के मेयर पद के उम्मीदवार कमल दीवान ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है। बुधवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र और कई वरिष्ठ नेताओं ने कमल दीवान का नामांकन कराया था। हालांकि, अब उन्होंने पार्टी की अंदरूनी फुट के चलते चुनाव लड़ने से मना कर दिया है।
बीजेपी ने एक बार फिर मौजूदा सांसद राजी जैन पर भरोसा जताया है। पिछले साल हुए उपचुनाव में भी इन्हीं दोनों नेताओं के बीच मुकाबला हुआ था। हालांकि, तब बीजेपी उम्मीदवार ने बड़े अंतर से जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार दोनों पार्टियों के सामने अलग चुनौतियां हैं।
नामांकन में उमड़ी थी भारी भीड़
बुधवार को नामांकन के दौरान कमल के दीवान के समर्थक एकजुट हुए थे। कई बड़े नेता भी उनके साथ थे। कमल दीवान ने इसकी फोटो शेयर करते हुए लिखा था, "सोनीपत की जनता बदलाव के संकल्प के साथ एकजुट होकर नामांकन में उमड़ी। जनसमर्थन का यह विश्वास, शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।" हालांकि, 24 घंटे के अंदर उनका चुनाव लड़ने से मना करना हैरान करने वाला है।
हार के कुछ महीने बाद दूसरा मौका
सोनीपत शहर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष कमल दीवान ने 22 अप्रैल को नामांकन दाखिल किया। नामांकन से पहले उन्होंने हवन-यज्ञ किया गया, जिसमें हरियाणा कांग्रेस के बड़े नेता जैसे दीपेंद्र सिंह हुड्डा और राव नरेंद्र सिंह मौजूद रहे। लगभग 9 महीने पहलेसोनीपत में हुए उपचुनाव में कमल दीवान कांग्रेस के उम्मीदवार थे, लेकिन वे भाजपा के राजीव जैन से हार गए थे। फिर भी कांग्रेस ने इस बार नगर निगम मेयर चुनाव में दोबारा उन पर भरोसा जताया है।
लंबे समय से कांग्रेस में हैं कमल
कमल दीवान का परिवार कांग्रेस से लंबे समय से जुड़ा हुआ है। उनके पिता स्वर्गीय देवराज दीवान क्षेत्र में लोकप्रिय नेता रहे हैं। वे पंजाबी समुदाय से हैं और सोनीपत में पंजाबी वोटरों (करीब 75 हजार) पर उनकी पकड़ मानी जाती है। वे दीवान चैरिटेबल ट्रस्ट के भी अध्यक्ष हैं। चुनाव में उनका मुख्य मुद्दा नगर निगम में प्रॉपर्टी और फैमिली आईडी की समस्याएं, भ्रष्टाचार आदि बताया जा रहा है। सोनीपत नगर निगम चुनाव 10 मई 2026 के आसपास होने वाले हैं। इसके लिए कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक रखी है। नामांकन के दौरान बड़ी भीड़ जुटाई गई, लेकिन अब कमल दीवान का पीछे हटना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है।
(सोनीपत से सनी मलिक की रिपोर्ट)