चंडीगढ़ः भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच हरियाणा सरकार ने निर्देश दिए हैं कि विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों, उपक्रमों और विश्वविद्यालयों आदि के अधिकारी और कर्मचारी अपना मुख्यालय या स्टेशन राज्य के अंदर ही स्थापित करें। इसके अलावा कोई भी कर्मचारी अगले आदेश तक अपना मुख्यालय या स्टेशन नहीं छोड़ेगा। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से ये निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य सचिव ने जारी किया है आदेश
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, अगले आदेश तक किसी भी सरकारी कर्मचारी को अपने निर्धारित मुख्यालय को छोड़ने की अनुमति नहीं है। यह आदेश सभी प्रशासनिक स्तरों पर लागू होता है और इसमें विभिन्न सरकारी-संबंधित संस्थानों और निकायों से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं। इस निर्णय को एहतियाती प्रशासनिक उपाय के रूप में देखा जा रहा है, जो युद्ध के दौरान आपातकालीन उद्देश्यों को पूरा करेगा।
आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई
अधिकारियों ने निर्देश के सख्त अनुपालन पर जोर दिया है और कहा है कि अगर कोई उल्लंघन करता है तो उसके अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। नोटिस में आदेशों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी गई है।
पुलिस कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग में काम करने वालों की छुट्टियां कैंसिल
बता दें कि हरियाणा में राज्य पुलिस कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले कर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। एक आदेश के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच सशस्त्र संघर्ष के तेज होने के मद्देनजर अगले आदेश तक स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में किसी भी तरह की छुट्टी पर रोक लगा दी गयी है। सिविल सर्जनों को भेजे गए एक पत्र के अनुसार, सभी अधिकारी अपने वर्तमान पदस्थापन स्थान पर मौजूद रहेंगे और जिला मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे और न ही अगले आदेश तक किसी भी छुट्टी के आवेदन को मंजूरी दी जाएगी।
इसमें कहा गया है कि अगर किसी को छुट्टी पर जाने की जरूरत पड़ती है तो आवेदन को राज्य मुख्यालय ही मंजूरी देगा। इस बीच, राज्य पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस कर्मियों की छुट्टियां भी अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सभी राजनीतिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं।