हरियाणा के कुरुक्षेत्र में एक बार फिर से एक एजेंट के द्वारा इटली भेजने के नाम पर युवक को रूस भेज दिया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि एजेंट से उनकी 11 लाख रुपए में सीधे इटली जाने की बात हुई थी लेकिन उन्होंने युवक को डंकी के रास्ते सीधे रूस भेज दिया। इसके चलते उन्होंने एजेंट पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। सामने आई जानकारी के अनुसार, युवक ने 7 महीने बेलारूस की जेल में काटे जहां उसे करंट तक लगाया जाता था।
क्या है पूरा मामला?
कुरुक्षेत्र के पिहोवा के रहने वाले पीड़ित युवक रोहित ने बताया कि एजेंट ने सोनकी से उनको 7 जुलाई 2025 को पहले दुबई भेजा, वहां वह दो दिन होटल में रहा और उसके बाद होटल में उसको एक व्यक्ति लेने के लिए आया। जिसने उनको एयरपोर्ट पर छोड़ा, वह व्यक्ति पाकिस्तानी था। उसके बाद से युवक को लातविया ले जाया गया। वहां से उसको बॉर्डर क्रॉस करने के लिए कहा गया। यहां पर जंगल को क्रॉस करके युवक ने वह बॉर्डर क्रॉस किया। हालांकि, लातविया तक पहुंचने पर उनको वहां के डोंकरो ने पकड़ लिया। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई उसको करंट लगाया गया इतना ही नहीं उसका फोन भी तोड़ दिया गया।
6 से 7 महीने तक जेल में रखा गया
युवक के पास वहां से एक फोन बचा हुआ था जिससे उसने एजेंट को और परिवार को फोन किया लेकिन एजेंट की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस दौरान उसके साथ पंजाब और हरियाणा के आठ लोग शामिल थे। उनको फिर वहां से वहां की आर्मी के साथ डोंकरो ने पकड़ लिया और 10 दिन रखा। फिर उन्होंने 900 डॉलर लिए तब उनको वहां निकाल कर बेलारूस टैक्सी के जरिए भेज दिया गया। हालांकि, वहां पर भी वहां की आर्मी ने उनको गिरफ्तार कर लिया और उनको 6 से 7 महीने तक जेल में रखा। यहां पर उनको खाने के लिए सूखा ब्रेड और गाय का मांस दिया जाता था। यहां पर उनके साथ मारपीट की गई और उनको कई प्रकार की यातनाएं दी गई। माइनस डिग्री टेंपरेचर में भी उनको छोटे से कंबल में रखा गया जिससे सर्दी नहीं रुकती थी। फिर वहां से उनको डिपोर्ट करके वापस इंडिया भेज दिया गया है।
युवक के पिता ने बताया दुख
पीड़ित युवक के पिता मनोज कुमार ने बताया कि "हमारी पिहोवा के एजेंट विजय शर्मा से बेटे को इटली भेजने के लिए बात हुई थी। एक नंबर में बात हुई थी जिसमें 11 लाख रुपए तय हुए थे। 100000 रुपये जब पासपोर्ट दिया था तब उनको दे दिए थे और 500000 रुपये एक बार फिर वह पति-पत्नी घर पर आए थे तब लेकर गए थे। लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने बेटे को डोंकी से भेजा है।" पीड़ित युवक के पिता ने बताया कि जब उनका बेटा वहां पर फंस गया तब उन्होंने उसको निकालने के लिए कहा तो वह उनको धमकी देने लगे और कहने लगे कि तुमसे जो हो कर लेना तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। तब हमने डोंकरो के कहने पर $900 एक बार, $1200 एक बार उनको दिए हैं। जब युवक को डोंकरो ने अपने कब्जे में लिया था तब उससे उसका फोन छीन लिया गया था। अब युवक के पिता चाहते हैं कि जिस एजेंट ने उनको धोखे में रखा है उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। (रिपोर्ट: अमित भटनागर)
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