हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया के इस्तीफे के बाद प्रदेशभर में चल रहा नर्सिंग स्टाफ का विरोध प्रदर्शन और धरना समाप्त कर दिया गया है। हरियाणा स्टाफ नर्स एसोसिएशन ने घोषणा की है कि उनकी प्रमुख मांग पूरी होने के बाद वे अपनी हड़ताल वापस ले रहे हैं और अब स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। हालांकि, जिस महिला स्टाफ नर्स को कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल में निरीक्षण के दौरान रेणु भाटिया ने फटकार लगाई थी, उन्होंने इस मामले में अपनी नाराजगी बरकरार रखी है।
नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल समाप्त, FIR की मांग बरकरार
संबंधित स्टाफ नर्स ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केवल इस्तीफा देना पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। उनके अनुसार रेणु भाटिया ने अपनी टिप्पणी से न केवल उनका बल्कि पूरे नर्सिंग कैडर का अपमान किया है, इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। नर्स ने कहा कि उनके घर में बेटी नहीं है, लेकिन अस्पताल में भर्ती प्रत्येक महिला मरीज और विशेष रूप से दुष्कर्म पीड़िता उनके लिए बेटी के समान है। उन्होंने कहा कि जिस पीड़िता के संबंध में यह विवादित टिप्पणी की गई थी, उसकी देखभाल करना उनकी पेशेवर और मानवीय जिम्मेदारी थी। ऐसे में नर्सिंग स्टाफ की संवेदनशीलता और कार्यशैली पर सवाल उठाना उचित नहीं था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 7 जून को हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणु भाटिया एक नाबालिग से दुष्कर्म मामले की जांच के लिए कुरुक्षेत्र के एलएनजी अस्पताल पहुंची थीं। इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ को फटकार लगाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई। रेणु भाटिया ने नर्सों से सवाल किया था कि वह घटना के दौरान मौके पर क्यों नहीं थी और उन्होंने बेटी को अकेले क्यों डॉक्टर के पास रहने दिया। उन्होंने नर्सों को खूब फटकारा था।
क्या टिप्पणी की थी?
एलएनजेपी अस्पताल के निरीक्षण के दौरान रेणु भाटिया की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। रेणू भाटिया ने निरीक्षण के दौरान खड़ी एक स्टाफ से पूछा था, क्या आपकी बेटी है। उन्होंने हां कहा तो चेयरपर्सन बोलीं कि उसे किसी अनजान व्यक्ति के साथ अकेला छोड़ सकती है क्या? नर्सिंग स्टाफ ने इसे अपमानजनक बताते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। उन्होंने रेणु भाटिया से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग की थी। नर्सिंग स्टाफ ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों और सम्मान के मुद्दे पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
(रिपोर्ट- अमित भटनागर)
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