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गुरुग्राम समेत हरियाणा के कई जिलों में बिजली गुल, हड़ताली कर्मचारियों को सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया

 Written By: Mangal Yadav
 Published : Oct 23, 2026 09:21 am IST,  Updated : Oct 23, 2026 09:47 am IST

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की निजीकरण के खिलाफ हड़ताल के चलते बिजली संकट कई जिलों में फैल गया है। हालात ऐसे हैं कि घरों में इनवर्टर का बैकअप खत्म हो गया है। बिजली कटौती से लोग परेशान हैं।

बिजली गुल के विरोध में प्रदर्शन करते लोग- India TV Hindi
बिजली गुल के विरोध में प्रदर्शन करते लोग Image Source : REPORTER

चंडीगढ़ः हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल आज शुक्रवार को भी जारी है। इस बीच हरियाणा सरकार ने हड़ताल पर गए कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया है। बिजली मंत्री अनिल विज ने   कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने की अपील की है। मंत्री ने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट शेयर कर कहा कि हरियाणा के हड़ताल पर गए कर्मचारियों से अपील है कि हड़ताल खत्म कर ड्यूटी पर आयें। सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए हम तैयार हैं। इसमें इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 की धारा 108 पर कार्यवाही करना भी शामिल है।

कई जिलों में बिजली गुल

दरअसल, बिजली कर्मचारियों के हड़ताल की वजह से गुरुग्राम समेत प्रदेश के कई जिलों में बिजली गुल है। बिजली कर्मचारियों के हड़ताल का असर गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, सोनीपत, रेवाड़ी, झज्जर, करनाल और अंबाला में देखने को मिल रहा है। यहां पर बिजली सप्लाई बाधित हुई है। इसकी वजह से घरों, जलापूर्ति और औद्योगिक कामकाज पर बुरा असर पड़ा है। बिजली गुल के विरोध में कई जिलों में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन भी किया।

बिजली मंत्री बोले- हम सभी मुद्दों पर बातचीत को तैयार

वहीं, हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों को हड़ताल खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार सभी विकल्पों पर बातचीत करने के लिए तैयार है। इससे पहले विज ने कहा था कि सरकार, 'इलेवन पावर' (Eleven Power) को बिजली वितरण का समानांतर लाइसेंस देने के HERC के फैसले को 'अपिलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी' (APTEL) में चुनौती देगी। विज ने कहा कि सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील दायर करेगी और इसके लागू होने पर रोक (स्टे) लगाने की मांग करेगी। यह घोषणा बिजली कर्मचारियों के बढ़ते विरोध के बीच आई है। कर्मचारियों का तर्क है कि किसी निजी वितरक के आने से राज्य सरकार के स्वामित्व वाली 'दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम' (DHBVN) कमजोर हो सकती है।

महज 12 घंटे में आई 3000 से ज्यादा शिकायतें

निजीकरण के विरोध में शुरू हुई बिजली निगम के कर्मचारियों की हड़ताल का असर गुरुग्राम में दिखाई देना शुरू हो गया। रात 10 बजे से ही गुरुग्राम के अलग-अलग हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप होनी शुरू हो गई। हड़ताल शुरू होते ही महज 12 घंटे में ही बिजली निगम में 3 हजार से ज्यादा शिकायतें बिजली आपूर्ति बाधित होने की पहुंच गई हैं। बिजली निगम के कर्मचारियों की मानें तो देर रात से ही विभाग में शिकायतें आनी शुरू हो गई थी। रात को जहां 945 शिकायतें बिजली निगम में प्राप्त हुई तो वहीं, सुबह अचानक महज दो घंटे में 2245 शिकायतें प्राप्त हो गई। यही नहीं ऑनलाइन व कॉल सेंटर के नंबरों के माध्यम से लगातार शिकायतें आने का दौर जारी है।

यहां देखें वीडियो

(बिजली गुल के विरोध में प्रदर्शन करते लोग)

सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप

बिजली निगम यूनियन के पदाधिकारियों की मानें तो सरकार की वादा खिलाफी के कारण ही कर्मचारियों को सड़कों पर उतरने को विवश होना पड़ा है। उनका कहना है कि अब तक वह सरकार के झूठे आश्वासनों में आकर अपने आंदोलन को रोक देते थे, लेकिन इस बार वे आरपार की लड़ाई के मूड़ में हैं।

अगर तीन दिन की सांकेतिक हड़ताल के दौरान सरकार बिजली निगम कर्मचारी यूनियनों के  पदाधिकारियों से बात नहीं करती है और निजीकरण के फैसले को रद्द करने के साथ ही कर्मचारियों की लंबित मांगों को नहीं मानती है तो वह इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन में परिवर्तित कर देंगे। कर्मचारियों का कहना है कि इस हड़ताल के दौरान उन्होंने न तो कोई अपने स्तर पर बिजली आपूर्ति बाधित की है और न ही वह फाल्ट रिपेयर कर रहे हैं। अगर आपातकालीन सेवाओं की लाइनों में कोई फाल्ट आता है तो वह इस दौरान भी फाल्ट ठीक करने के लिए नहीं जाएंगे।

(गुरुग्राम से गोहित कौशिक की रिपोर्ट के साथ)

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