1. Hindi News
  2. हरियाणा
  3. शादी में डीजे बजाया तो लगेगा जुर्माना, तेरहवीं पर भी बैन, उकलाना की पंचायत का फरमान

शादी में डीजे बजाया तो लगेगा जुर्माना, तेरहवीं पर भी बैन, उकलाना की पंचायत का फरमान

 Edited By: Mangal Yadav
 Published : Dec 10, 2024 08:24 am IST,  Updated : Dec 10, 2024 09:49 am IST

सभा के अध्यक्ष माटा राम व नरेंद्र ने बताया कि गांव खैरी में आप से ही डीजे बजाने और मृत्यु भोज देने पर पूर्ण से प्रतिबंध लगाया गया है और यह फैसला ग्रामीणों की सर्वसम्मति से किया गया है। पंचायत की बात नहीं मानने पर ग्रामीणों की ओर से 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

पंचायत का फरमान- India TV Hindi
पंचायत का फरमान Image Source : INDIA TV

हिसारः उकलाना मंडी इलाके के गांव खैरी में पंचायत ने बड़ा फैसला लेते हुए डीजे बजाने और मृत्यु भोज पर प्रतिबंध लगा दिया है। पंचायत का फैसला न मानने वालों के खिलाफ 11 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।  पंचायत का कहना है कि गांव में लोग शादी समारोह में 3-4 दिन पहले से ही डीजे बजाने लग जाते हैं, जिससे दूसरे लोगों को दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए पंचायत ने फैसला किया है कि अब किसी के भी घर शादी में डीजे नहीं बजेगा। इसके अलावा पंचायत ने मृत्युभोज पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। उकलाना क्षेत्र के गांव खैरी में बैठक पूर्व पंच माटा राम की अध्यक्षता में हुई।  

डीजे बजाने पर लगाया प्रतिबंध

सभा के अध्यक्ष पूर्व पंच माटा राम व नरेंद्र खैरी ने बताया कि गांव में जो शादी समारोह होते हैं उनमें पूरी-पूरी रात तेज आवाज में डीजे बजाया जाता है। यहां तक की अब तो यह चलन बन चुका है कि शादी से 3-4 दिन पहले ही घरों में डीजे बजाना शुरू हो जाता है। जिस कारण सभी ग्रामीण परेशान हो जाते हैं। डीजे पर शराब पीकर युवा पीढ़ी नाचती है और फिर इस डीजे पर नाचने के कारण ही आपस में झगड़े होने लगते हैं। जिससे आपसी भाईचारा भी खराब होता है।  

खैरी में मृत्यु भोज देने पर लगा प्रतिबंध

सभा के अध्यक्ष पूर्व माटा राम व नरेंद्र खैरी ने बताया कि ने बताया कि गांव में किसी बुजुर्ग की मृत्यु होने पर ग्रामीणों द्वारा मृत्यु भोज दिया जाता है। जिसका अब प्रचलन ज्यादा हो गया है। परिवार में शोक में होता है और उसके बावजूद सामाजिक मजबूरी के चलते परिवार को यह मृत्यु भोज करना पड़ता है। जो किसी भी प्रकार से सही नहीं है। कई बार तो हालात ये होते हैं कि जिस परिवार में बुजुर्ग की मौत होती है उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होती है लेकिन सामाजिकता के नाते उसे मजबूरन कर्ज उठाकर भी मृत्यु भोज देना पड़ता है। जो किसी भी मायने से सही नहीं है। इस पर विचार विमर्श करने के बाद ग्रामीणों द्वारा आज से ही गांव खैरी में मृत्यु भोज देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।   

नारकोटिक्स विभाग का नंबर भी दिया गया

वही ग्रामीणों ने बढ़ते नशे को लेकर चिंता जताई। नशे के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए ग्रामीणों ने इस पंचायत में चिंता जताई और इस मौके पर नारकोटिक्स विभाग की ओर से जारी किया का नंबर सभी ग्रामीणों को बताया गया। ग्रामीणों से अपील की कि अगर कोई व्यक्ति गांव में नशे का कारोबार करता है या युवा पीढ़ी को नशे की ओर प्रेरित करता है, तो उसे लेकर कोई भी ग्रामीण नारकोटिक्स विभाग के नंबर पर सीधी कॉल करके गुप्त रूप से सूचना दे सकता है।

रिपोर्ट- प्रवीण कुमार

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हरियाणा से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।