आलिया भट्ट ने एक इंटरव्यू के दौरान इस बात का खुलासा किया था कि वो एडीएचडी यानी अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर से जूझ रही हैं। क्या आप इस डिसऑर्डर के बारे में जानते हैं? अगर नहीं, तो आज हम आपको इस डिसऑर्डर के कुछ लक्षणों के बारे में बताएंगे। अगर आपको भी इस तरह के लक्षण महसूस होते हैं, तो आपको तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से कंसल्ट कर लेना चाहिए।
अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर
आलिया भट्ट ने इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर की वजह से मौजूदा पल में जीने में दिक्कत होती है। अगर आप भी जोन आउट हो जाते हैं, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए क्योंकि इस तरह का लक्षण एडीएचडी की तरफ इशारा कर सकता है। बातचीत के दौरान ध्यान भटक जाना भी एडीएचडी का संकेत हो सकता है।
एडीएचडी के लक्षण
फोकस करने में दिक्कत महसूस होना, अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर का लक्षण हो सकता है। भूलने की समस्या, विचलित होना, बातचीत सुनने में दिक्कत होना, इस तरह के लक्षण एडीएचडी की तरफ इशारा कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एडीएचडी बचपन के सबसे सामान्य न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर में से एक है। एडीएचडी के लक्षणों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी होता है। अगर आपके बच्चे को एडीएचडी की समस्या है, तो आप अपने बच्चे को बिहेवियर थेरेपी, हेल्दी लाइफस्टाइल चेंज और डॉक्टर की सलाह पर दी जाने वाली दवाइयों की मदद से इस डिसऑर्डर से निजात दिला सकते हैं।
डिसऑर्डर के कारण
अगर आपको एडीएचडी की समस्या थी, तो आपके बच्चों में इस डिसऑर्डर के होने की संभावना बढ़ सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान शराब पीना या फिर तंबाकू का सेवन करना, बच्चों में अटेंशन-डेफिसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर के खतरे को बढ़ा सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सिर पर लगी चोट या फिर परिवार का वातावरण भी एडीएचडी का कारण बन सकता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।