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बार बार आता है मिर्गी का दौरा, इसे कैसे कंट्रोल करें, डॉक्टर ने बताया

 Written By: Ritu Raj
 Published : Oct 21, 2026 06:55 pm IST,  Updated : Oct 21, 2026 06:55 pm IST

बार-बार मिर्गी का दौरा आना एक ऐसी स्थिति है जिसमें डॉक्टर की सलाह, नियमित दवा और लाइपस्टाइल में कुछ खास सावधानियों को बरतने की जरूरत होती है। न्यूरोलॉजिस्ट बता रहे हैं इसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है।

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बार बार आता है मिर्गी का दौरा, इसे कैसे कंट्रोल करें, डॉक्टर ने बताया Image Source : MAGNIFIC

मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी में असामान्य बदलाव के कारण बार बार दौरे पड़ सकते हैं। दौरे के दौरान व्यक्ति कुछ समय के लिए बेहोश हो सकता है, शरीर में अकड़न आ सकती है या हाथ पैरों में झटके लग सकते हैं। कुछ मामलों में व्यक्ति कुछ देर के लिए आसपास की गतिविधियों से अनजान हो जाता है। मिर्गी को लेकर जागरूकता की कमी के कारण कई बार मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। ऐसे में लोग इसके इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं। डॉक्टर निशांत याग्निक, वरिष्ठ सलाहकार न्यूरो सर्जरी, फोर्टिस मानेसर ने बताया है कि मिर्गी के दौरे को कैसे कंट्रोल किया जा सकता है और ये क्यों आता है। 

क्यों आता है बार बार मिर्गी का दौरा

बार बार दौरे पड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। दवाएं नियमित रूप से न लेना, पर्याप्त नींद की कमी, शराब का सेवन और कुछ मरीजों में तेज चमकती रोशनी जैसे कारक दौरे को बढ़ा सकते हैं। हालांकि, हर मरीज में दौरे के कारण और उन्हें बढ़ाने वाले कारक अलग हो सकते हैं। यदि दवा लेने के बावजूद दौरे आते रहते हैं, तो न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करना जरूरी है। दवा की खुराक में बदलाव या दूसरी दवा की जरूरत का निर्णय मेडिकल जांच के आधार पर किया जाता है।

यदि किसी को दौरा पड़ता है तो उसे सुरक्षित स्थिति में रखना होगा कुछ नरम चीज़ें उसके सिर के नीचे रखी जानी चाहिए और उसके शरीर से सभी कठोर चीज़ें हटा दी जानी चाहिए। ऐसी स्थिती में किसी को भी बलपूर्वक मरीज़ को पकड़ना नहीं चाहिए ना ही उसके मुंह में चम्मच या उंगलियां डालनी चाहिए। पानी और दवाएं बलपूर्वक मरीज़ को नहीं दी जानी चाहिए। यदि दौरा पड़ने के बाद मरीज़ बेहोश नहीं होता है या दौरे लगातार हो रहे हैं या दौरा 5 मिनट से ज़्यादा लंबा चल रहा है या सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है या मरीज़ के लिए यह पहला दौरा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 

क्या मिर्गी का इलाज संभव है? 
पिटार्क का इलाज किया जा सकता है और वास्तव में अधिकतर लोगों को अपने पिटार्क को सही दवाओं के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ मामलों में जब दवा लेने के बाद भी बहुत सुधार नहीं होता है तो सर्जिकल विधियों जैसे दूसरे उपायों का विचार किया जा सकता है। सही दवाएं, अच्छी नींद और दूसरी मेडिकल सहायता से जोखिमों से बचा जा सकता है। मिर्गी का इलाज संभव है और उचित दवाओं से अधिकांश मरीजों में दौरे नियंत्रित किए जा सकते हैं। कुछ मरीजों में दवाओं से पर्याप्त लाभ न मिलने पर विशेष जांच के बाद सर्जरी या अन्य ऑप्शन पर विचार किया जा सकता है। नियमित दवा, पर्याप्त नींद और मेडिकल निगरानी से जटिलताओं का जोखिम कम किया जा सकता है। समय पर उपचार और लाइफस्टाइल में बदलाव कर इसे ठीक करने में मदद मिल सकती है। 

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