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क्यों 40 के बाद हेल्थ नंबर्स जानना जरूरी है, कौन सी जांच करानी चाहिए, जिससे बीमारियों का खतरा कम हो

 Written By: Bharti Singh
 Published : Sep 24, 2026 07:52 am IST,  Updated : Sep 24, 2026 07:52 am IST

शरीर में कोई लक्षण महसूस नहीं हो रहे हैं तो आप स्वस्थ हैं ऐसा जरूरी नहीं है। कुछ बीमारियां साइलेंट होती हैं। अगर इनकी सही समय पर जांच करा ली जाए तो गंभीर खतरे को कम किया जा सकता है। आइये जानते हैं 40 साल के बाद आपको कौन सी जांच जरूर करानी चाहिए?

40 साल के बाद मेडिकल टेस्ट- India TV Hindi
40 साल के बाद मेडिकल टेस्ट Image Source : INDIA TV

हम अक्सर सोचते हैं कि दिल की बीमारियों का खतरा 40 या 50 की उम्र के बाद बढ़ता है। इसी वजह से 30 की उम्र में बहुत से लोग ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर या कोलेस्ट्रॉल जैसी बेसिक जांच को जरूरी नहीं मानते। लेकिन हृदय से जुड़े कई जोखिम कारक कम उम्र में ही शुरू हो सकते हैं और लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के रह सकते हैं। इसलिए आपको सतर्क होने और समय पर अपनी जांच करवाते रहना जरूरी है। 

उम्र से ज्यादा जरूरी है जोखिम समझना

डॉक्टर दीपक संघवी (सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और एगिलस डायग्नोस्टिक्स में मुंबई रेफरेंस लैब के प्रमुख) के मुताबिक, हार्ट हेल्थ को केवल उम्र के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। परिवार में कम उम्र में हार्ट की बीमारियों का इतिहास, हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ ब्लड शुगर, हाई कोलेस्ट्रॉल, अधिक वजन, धूम्रपान और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कारक जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं। खासकर कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर जरूरी नहीं कि कोई लक्षण दिखाई दे। व्यक्ति सामान्य महसूस कर सकता है, जबकि उसकी रिपोर्ट में बदलाव पहले से मौजूद हो सकते हैं। इसलिए केवल 40 की उम्र का इंतजार करना हर व्यक्ति के लिए सही तरीका नहीं है।

कौन से हेल्थ टेस्ट आपको कराने चाहिए?

शुरुआत में आप कुछ सामान्य टेस्ट करवा सकते हैं। ब्लड प्रेशर नियमित रूप से जांचना जरूरी है, क्योंकि हाई ब्लड प्रेशर अक्सर बिना लक्षण के रहता है। ब्लड शुगर से डायबिटीज या बढ़े हुए शुगर के स्तर का पता लगाने में मदद मिलती है। वहीं लिपिड प्रोफाइल के जरिए कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स जैसे स्तरों को समझा जा सकता है। इसके साथ वजन और कमर का घेरा भी ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि पेट के आसपास बढ़ी चर्बी कई स्वास्थ्य जोखिमों से जुड़ी हो सकती है।

40 के बाद बढ़ जाता है बीमारियों का खतरा

40 से पहले जांच कराने का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को हर साल कई टेस्ट कराने चाहिए। परिवार का इतिहास, जीवनशैली, वजन और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर जांच की जरूरत अलग हो सकती है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार जांच कराना बेहतर है। हृदय स्वास्थ्य के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि हम केवल बीमारी के लक्षण आने का इंतजार न करें। अपने जरूरी हेल्थ नंबर्स को समय-समय पर जानना, उनमें होने वाले बदलावों को समझना और जरूरत पड़ने पर जीवनशैली में सुधार करना, कम उम्र से ही हृदय की देखभाल की दिशा में एक अहम कदम हो सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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