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पंजाब जहरीली शराब मामला: 7 आबकारी अधिकारियों समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित, मृतकों की संख्या 86 पहुंची

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 01, 2020 04:19 pm IST,  Updated : Aug 01, 2020 08:17 pm IST

पंजाब जहरीली शराब त्रासदी के मामले में सात आबकारी अधिकारियों, छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 86 हो गई है।

62 people died in Punjab due to Toxic Liquor- India TV Hindi
62 people died in Punjab due to Toxic Liquor Image Source : PICTURE FOR REPRESENTATION

चंडीगढ़। पंजाब जहरीली शराब त्रासदी के मामले में सात आबकारी अधिकारियों, छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 86 हो गई है। DSP मनजीत सिंह ने आज शनिवार को बताया कि अमृतसर में अवैध शराब पीने की वजह से कुल 12 मौतें हुई हैं। तीन-चार दिन पहले हमने रेड डाली थी। अभी तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की तफ्तीश जारी है। अपराधियों को छोड़ा नहीं जाएगा।

इधर पंजाब में जहरीली शराब पीने से मौत के मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। अकाली दल के नेता महेशिंदर ग्रेवाल ने कहा कि जहरीली शराब की वजह से 41 लोगों की मौत और 2-3 लोगों की आंखों की रोशनी चली गई है। बटाला में कुछ शवों का बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक SHO को सस्पेंड कर सरकार ये न सोचे कि उसने एक्शन ले लिया है। बता दें कि, मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने घटना की मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिए हैं। विपक्षी शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने की मांग की है जबकि विपक्षी आप ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का इस्तीफा मांगा है। 

40 जगहों में छापेमारी कर 8 लोग किए गए गिरफ्तार

वहीं अमृतसर से कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह डिंपा ने कहा कि अवैध शराब के कारण मुच्छल, बटाला और तरन तारन में लगभग 40 मौतें हुई हैं। मुख्यमंत्री ने मामले पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों को 1 लाख रुपए की सहायता राशि और जो अस्पताल में हैं उनका सारा इलाज मुफ्त करवाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इन तीन जिलों में 40 जगहों पर छापेमारी की गयी और शराब की तस्करी करने वाले आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिनकर गुप्ता ने बताया कि अमृतसर के तारसिक्का के मुछाल और तांगरा गांवों में बीते बुधवार की रात को पांच लोगों की मौत हुई। बटाला के लोगों के अनुसार हाथीगेट इलाके में यह शराब बेची जाती थी। शराब पीने से मृत भूपिंदर सिंह की मां शीला देवी ने संवाददाताओं से कहा कि उनके बेटे ने हाथी गेट इलाके में एक दुकान से शराब खरीदी थी। शराब पीने के कुछ ही घंटे बाद वह अचेत हो गया और मर गया। 

भारी मात्रा में नकली शराब बरामद

एक अधिकारी ने बताया कि तारसिक्का थाना के प्रभारी विक्रमजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है। डीजीपी ने बताया कि बीते गुरुवार रात को मुछाल गांव की बलविंदर कौर नामक एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। उसपर भादंसं, आबकारी कानून की संबंधित धाराएं लगायी गयी हैं। शुक्रवार को अभियान के दौरान अमृतसर, बटाला और तरणतारण जिलों में नकली शराब के सिलसिले सात और लोग गिरफ्तार किये गए। गुप्ता ने कहा कि आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकली शराब, ड्रम और भंडारित कैन बरामद किए गए और इन्हें जांच के लिए भेजा गया है। 

सीएम अमरिंदर सिंह ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई मौत के मामले में जालंधर के संभागीय आयुक्त द्वारा मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। संभागीय आयुक्त जालंधर के साथ ही पंजाब के संयुक्त आबकारी और कर आयुक्त तथा संबंधित जिलों के एसपी द्वारा जांच की जाएगी। शिरोमणि अकाली दल ने संभागीय आयुक्त स्तर की जांच को खारिज कर दिया और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने की मांग की । आम आदमी पार्टी ने कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच से काम नहीं चलेगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्टी मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करती है। कांग्रेस सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने ने उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश से इस मामले की निश्चित समय सीमा में जांच की मांग की। 

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