इलाहाबाद: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग को लेकर उच्चतम न्यायालय के फैसले की आलोचना के लिए महोबा की एक अदालत द्वारा वित्त मंत्री अरूण जेटली के खिलाफ जारी समन आज रद्द कर दिया।
बचाव पक्ष के वकीलों में एक नलिन कोहली के मुताबिक, जेटली के वकील मनिंदर सिंह ने दलील दी कि समन का आदेश न्यायिक पद का मनमाना दुरूपयोग है जिसके बाद उच्च न्यायालय ने 19 नवंबर को जारी समन को रद्द कर दिया।
खबरों के मुताबिक, कुल्पाहार सिविल जज :जुनियर डिवीजन: अंकित गोयल ने केंद्र सरकार द्वारा गठित एनजेएसी पर जेटली की उच्चतम न्यायालय की कड़ी आलोचना करने संबंधी मीडिया खबरों का संग्यान लेते हुए वित्त मंत्री को 19 नवंबर को निजी पेशी के लिए समन किया था और महोबा के एसपी को समन की तामील कराने का निर्देश दिया था।
एनजेएसी पर उच्चतम न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया जताते हुए जेटली ने कहा था कि भारतीय लोकतंत्र गैरनिर्वाचितों की निरंकुशता का शिकार नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा था कि अगर निर्वाचितों को तवज्जो नहीं दी गयी तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा।