जींद: जम्मू-कश्मीर के पंपोर में शनिवार को हुए आतंकी हमले में 23 वर्षीय कैप्टन पवन कुमार रविवार को शहीद हो गया। पवन कुमार के शव को जाट आरक्षण के चलते वायुसेना के विशेष विमान से जींद लाया जायेगा।
प्रदेशभर में जाट आरक्षण की वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग और राजमार्ग बंद पड़े हैं। इस वजह से शहीद का शव वायुसेना के विशेष विमान से जींद ला रही है। पवन अपने मां बाप का इकलौता बेटा था।
जम्मू-कश्मीर के पंपोर इलाके में शनिवार शाम को आतंकी हमला हुआ। सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक आतंकियों ने पहले श्रीनगर की तरफ जा रही सीआरपीएफ की बस पर फायरिंग की। इसके बाद आतंकी पास की एक इमारत में घुस गए और गोलीबारी शुरू कर दी। इस दौरान कैप्टन को गोली लगी और रविवार को इलाज के दौरान वह शहीद हो गए।
शहीद के पिता राजबीर ने कहा, मैंने देश के लिए अपना इकलौता बेटा न्यौावर कर दिया। वह सैन्य दिवस के दिन पैदा हुआ था और वह सेना के लिए ही बना था।
कैप्टन पवन कुमार हरियाणा के जींद से थे और उन्होंने तीन साल पहले ही सेना ज्वाइन की थी। उन्होंने हाल ही में आतंकवादियों के खिलाफ दो सफल ऑपरेशनों में भाग लिया था, जिसमें तीन आतंकवादी मारे गए थे।
3 साल की सर्विस में उन्होंने साबित किया कि वह बहुत बहादुर और निडर अधिकारी थे, लेकिन उनमें परिपक्वता उम्र से कहीं ज्यादा थी। पम्पोर में एक सरकारी इमारत इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट में घुसे आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान कैप्टन पवन कुमार शहीद हो गए।